महाराष्ट्र के 24 नगर निकायों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं, जिसमें बीजेपी ज्यादातर निगमों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अभी तक किसी भी नगर निगम में मेयर का चुनाव नहीं हो सका है। इस बीच खबर है कि पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के चार पार्षद गायब हो गए हैं। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शनिवार को राजनीतिक खींचतान बढ़ गई।
दरअसल, शिवसेना (UBT) ने अपने चार पार्षदों के गायब होने की जानकारी दी है। इसको लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। दावा किया जा रहा है कि सभी चारों पार्षद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
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कल्याण इक्वेशन क्या है?
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में कुल 122 सीटें हैं। बहुमत के लिए 62 पार्षदों का समर्थन चाहिए। चुनाव में शिंदे की शिवसेना को सबसे अधिक 53 सीटें मिली हैं, जबकि उसकी सहयोगी बीजेपी को 50। उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 11 और राज ठाकरे की पार्टी को 5 सीटें मिली हैं। ऐसे में शिंदे को बहुमत के लिए 9 पार्षदों का समर्थन चाहिए। पांच MNS पार्षदों और चार लापता शिवसेना (UBT) पार्षदों के समर्थन से शिवसेना कल्याण-डोंबिवली में 62 के बहुमत के आंकड़े को छू सकती है।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शिवसेना (UBT) के 11 पार्षदों में से केवल सात ने कोंकण डिविजनल कमिश्नर के पास एक ग्रुप के रूप में औपचारिक रूप से रजिस्टर किया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि दो पार्षद एकनाथ शिंदे की शिवसेना के टच में हैं, जबकि दो का अभी पता नहीं चल रहा है।
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संजय राउत ने क्या कहा?
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस मामले पर कहा, 'हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि हमारे पार्षद लापता हैं। हम कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में पोस्टर लगाएंगे। वे हमारे सिंबल पर चुने गए थे। वे गद्दार हैं और अपनी जीत के 24 घंटे बाद उन्होंने दूसरा रास्ता चुन लिया।'
शिवसेना (UBT) के नेता शरद पाटिल ने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, जिन पार्षदों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, वे मधुर म्हात्रे, कीर्ति धोने, राहुल कोट और स्वप्निल केने हैं। हालांकि, ठाणे पुलिस ने कहा कि कोई गुमशुदगी का केस दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि माना जा रहा है कि पार्षदों ने अपनी मर्ज़ी से ऐसा किया है।