संजय सिंह, पटना। बिहार के मोतिहारी जिले में खाकी की आड़ में लोगों को डराकर और पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले एक शातिर युवक का पूर्वी चंपारण पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सुगौली थाना क्षेत्र के भटहां गांव में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों पर धौंस जमाता था और कथित तौर पर ठगी और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल था।

 

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं और खुद को असली पुलिसकर्मी बताकर फायदा उठा रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें: '5 हजार लगाओ, 1.60 लाख पाओ’, पूर्णिया में ठगों ने लुटी दर्जनों महिलाओं की जिंदगी

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुगौली थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने भटहां गांव में छापेमारी कर नितेश कुमार को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में भी जुटा हुआ था।

घर से बरामद हुई पुलिस जैसी पूरी किट

छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से कई चौंकाने वाली वस्तुएं मिलीं। बरामद सामान में दो स्टार लगी पुलिस वर्दी, बिहार पुलिस की नीली टोपी, लाल बेल्ट, टॉर्च और एक ड्रैगन चाकू शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन वस्तुओं के आधार पर यह आशंका मजबूत हुई है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को भ्रमित कर रहा था। अब जांच की जा रही है कि इन सामानों का उपयोग किन-किन घटनाओं में किया गया।

पूछताछ में खुलने लगे गिरोह के राज

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपने कई सहयोगियों के नाम बताए हैं। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसकी गतिविधियां जिले के अन्य इलाकों तक फैली हुई हैं।

 

यह भी पढ़ें: 'बिहार में खाली कर दें सरकारी जमीन', मंत्री का अल्टीमेटम; होगा बुलडोजर एक्शन

एसपी बोले- पूरे नेटवर्क की होगी जांच

जिला पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की गई। आरोपी के पास से नकली पुलिस वर्दी और अन्य सामान बरामद हुए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह कब से सक्रिय था, कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

लोगों के लिए भी बड़ा संदेश

यह मामला केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए चेतावनी भी है जो वर्दी और अधिकार का झूठा भय दिखाकर आम जनता को ठगने की कोशिश करते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।