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'बिहार में खाली कर दें सरकारी जमीन', मंत्री का अल्टीमेटम; होगा बुलडोजर एक्शन

बिहार में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी है। सरकार ने अधिकारियों को सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। बुलडोजर से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा और कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

Bihar Deputy CM Vijay Sinha

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा। (Photo Credit: PTI)

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बिहार के गोपालगंज जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और खाद की कालाबाजारी के खिलाफ अब प्रशासनिक सख्ती देखने को मिलेगी। उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अवैध कब्जाधारियों की पहचान कर सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

 

समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने विकास योजनाओं, राजस्व प्रशासन और कृषि विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने सरकारी जमीनों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि यह जनता की संपत्ति है और इसकी सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

 

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सरकारी जमीनों की बनेगी सूची, चलेगा विशेष अभियान

मंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि और भवनों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अवैध कब्जा है, वहां विशेष अभियान चलाकर जमीन को मुक्त कराया जाए। साथ ही कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।

 

मंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय होकर कार्रवाई करनी होगी ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

किसानों की फार्मर आईडी पर विशेष जोर

बैठक में कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान मंत्री ने किसानों के पंजीकरण और फार्मर आईडी निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए फार्मर आईडी महत्वपूर्ण है।

 

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उन्होंने कृषि विभाग को पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराया जाए, ताकि उन्हें अनुदान, फसल बीमा, तकनीकी सहायता और अन्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

खाद की कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी

उर्वरक खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी के मुद्दे पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई दुकानदार, एजेंसी या विक्रेता खाद की जमाखोरी करता है, कृत्रिम संकट पैदा करता है या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खाद भंडारण और बिक्री केंद्रों की नियमित जांच तथा उपलब्ध स्टॉक की सार्वजनिक जानकारी प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया।

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