संजय सिंह, पटनाः अल्पसंख्यक बाहुल्य सीमांचल इलाके में एक बहुत बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यहां के कुछ शातिर लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों को पांच हजार में फर्जी आधार कार्ड तैयार कर देते थे। अब तक इस मामले में दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश से दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कल सीमांचल से भी एक जालसाज को पकड़कर यूपी एटीएस अपने साथ ले गई। कुछ जालसाज पुलिस की आने की भनक मिलने पर भागने में सफल रहे।
सीमांचल का किशनगंज क्षेत्र बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से सटा है। अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी छिपने में आसानी होती है। ये जालसाज इन घुसपैठियों और संदिग्ध लोगों को इधर-उधर आने जाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाते हैं। इसी फर्जी आधार कार्ड के सहारे फिर वे अन्य तरह के दस्तावेज तैयार करते हैं। फर्जी आधार कार्ड में नंबर सही होता है। तस्वीर और पता बदल दिया जाता है। इसके एवज में पांच हजार रुपये उस शख्स से वसूला जाता है।
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यूपी एटीएस पहुंची किशनगंज
यूपी एटीएस ने पिछले दिनों दो संदिग्ध लोगों को पकड़ा था। जब उन लोगों से पूछताछ की गई तो यह पता चला कि फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला गिरोह दिल्ली, कोलकाता और किशनगंज में सक्रिय है। इसी आधार पर दस लोगों को पकड़ा गया। इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एटीएस की टीम कल किशनगंज जिले के ठाकुरगंज पहुंची।
वहां पहुंचने के बाद मुंशीभित्ता इलाके में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में जाली दस्तावेज, लैपटॉप, क्रॉप किया गया थंम इंप्रेशन आदि बरामद किया गया। फिर पोठिया में भी छापेमारी की गई। हालांकि, एक आरोपी भागने में सफल हो गया।
पहले से चल रहा है धंधा
फर्जी आधार कार्ड बनाने का सीमांचल में दो तीन वर्षों से चल रहा है। कुछ महीने पूर्व ठाकुरगंज के टिलहाबाड़ी में भी छापेमारी की गई थी। छापेमारी के दौरान दो लोगों को फर्जी आधार कार्ड बनाते पकड़ा गया था। इसके वावजूद इस धंधे पर अंकुश नहीं लगा। फिर यह धंधा जियापोखर में शुरू हुआ। यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों और नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता था।
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खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट पर गंदर्भडांगा में भी छापेमारी की गई थी। वहां भी फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। लगातार गिरफ्तारी के वावजूद जालसाज गिरोह अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे है। इससे जाहिर होता है कि किशनगंज में प्रशासनिक व्यवस्था ढीली है।
