संजय सिंह, पटना: नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (NIA) और ऐंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त टीम ने सोमवार की सुबह बिहार के नालंदा जिले में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देकर अवैध हथियार नेटवर्क में हलचल मचा दी। जब शहर गहरी नींद में था, ठीक सुबह 4:30 बजे करीब 10 गाड़ियों का काफिला बिहारशरीफ के लहेरी मोहल्ले में दाखिल हुआ और देखते ही देखते पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।

 

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी का केंद्र बना शहर का चर्चित पीके गन हाउस, जहां जांच एजेंसियों ने अचानक दबिश देकर हथियारों के स्टॉक और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी। कार्रवाई इतनी अचानक और सख्त थी कि आसपास के लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में तब्दील हो गया।

एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी

 

सूत्रों के मुताबिक, यह ऑपरेशन केवल एक दुकान तक सीमित नहीं था। नालंदा जिले में करीब आधा दर्जन ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया गया। इनमें मिर्जापुर गांव और राममूर्ति नगर जैसे इलाके भी शामिल हैं। हर जगह पुलिस बल तैनात कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए। करीब 100 पुलिस और जांच अधिकारियों की टीम इस ऑपरेशन में शामिल बताई जा रही है। पूरी छापेमारी की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है, जिससे हर छोटी-बड़ी गतिविधि का दस्तावेजीकरण हो सके और आगे की जांच में पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। 

 

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निशाने पर हथियार तस्करी का नेटवर्क

 

इस संयुक्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करना है। जांच एजेंसियां हथियारों के नंबर, लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर का मिलान कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को पकड़ा जा सके। एजेंसियों को शक है कि नालंदा में सक्रिय यह सिंडिकेट केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क बिहार से बाहर अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। ऐसे में यह छापेमारी एक बड़े खुलासे की ओर इशारा कर रही है।

 

नालंदा में अवैध हथियारों का इतिहास नया नहीं है। जून 2025 में पुलिस और एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई के दौरान कुख्यात आरोपी रॉबिन यादव और उसके पिता राजेंद्र यादव के ठिकानों से 800 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उस कार्रवाई ने भी हथियार तस्करी के गहरे नेटवर्क की ओर संकेत किया था।

 

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आगे क्या?

 

फिलहाल, इस ताजा ऑपरेशन में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है लेकिन जिस पैमाने पर यह कार्रवाई की गई है, उससे साफ है कि जांच एजेंसियां इस बार किसी बड़े खुलासे की तैयारी में हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी ठिकानों पर कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे ऑपरेशन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अवैध हथियारों का यह नेटवर्क कितनी गहराई तक फैला हुआ है और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए अब कितनी बड़ी कार्रवाई बाकी है।