संजय सिंह, पटना।, बिहार के मधुबनी जिले में जाली नोट के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कुल 6 लाख 44 हजार रुपये की नकली नोट बरामद किए गए हैं।  पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने प्रेस को इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस नेटवर्क का कनेक्शन नेपाल से होने की बात भी कही। 

 

योगेंद्र कुमार ने बताया कि कि पकड़े गए बदमाशों में नालंदा जिला के हरनौत थाना क्षेत्र के मोढ़ारी निवासी पोखन साव के पुत्र सूर्यदेव कुमार उर्फ सुरज कुमार और गया जिला के बोधगया थाना क्षेत्र के तुरी कला निवासी महेशी पासवान के पुत्र उदल पासवान हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है। 

 

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स्टेशन पर जाली नोट संग दबोचा गया संदिग्ध 

पुलिस को 15 मार्च 2026 की रात गुप्त सूचना मिली थी कि मधुबनी रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति भारी मात्रा में जाली नोट लेकर आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-01 के नेतृत्व में नगर थाना की टीम ने कार्रवाई करते हुए स्टेशन के दोनों एग्जिट गेट पर चेकिंग शुरू की।  करीब 10:25 बजे एक संदिग्ध व्यक्ति गेट नंबर-02 की ओर से आता दिखा।

 

पुलिस की जांच देखकर वह अचानक पीछे मुड़कर भागने लगा लेकिन पुलिस टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र निवासी सुर्यदेव कुमार उर्फ सुरज कुमार के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके बैग से भारी मात्रा में जाली नोट बरामद हुए।

जाली नोट फैक्ट्री का भंडाफोड़ 

पुलिस की पूछताछ में सुर्यदेव कुमार ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि ये सभी नकली नोट वह गया जिले के उदल पासवान से लेकर आ रहा था। उसने बताया कि जाली नोटों को नेपाल ले जाने के लिए एक व्यक्ति को सौंपने वाला था। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस टीम ने सुर्यदेव की निशानदेही पर गया जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित उदल पासवान के घर पर छापेमारी की।

 

 वहां से भी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर उदल पासवान ने बताया कि वह बोधगया के गौतमनगर में किराये के मकान में जाली नोट छापने का धंधा करता है। पुलिस ने तत्काल उस ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और उपकरण बरामद किए गए। मौके से कलर प्रिंटर, पेपर कटर मशीन, टेप, रबर, स्केल, कैची, स्टेपलर और अन्य सामान के साथ असली नोटों के सैंपल भी जब्त किए गए।

 

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जांच में जुटी पुलिस

बरामद नकली नोटों में 500, 200 और 100 रुपये के नोट शामिल हैं, जिनकी संख्या हजारों में है। पुलिस के अनुसार, गिरोह काफी समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से नकली नोटों का बनाकर उन्हें बाजार में खपाने की साजिश रच रहा था। इस मामले में नगर थाना में कांड संख्या 133/26 के तहत विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। साथ ही, नेपाल कनेक्शन को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है, जिसका जल्द ही पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।