संजय सिंह, पटना। बिहार पुलिस अब तकनीकी का भरपूर सहारा लेगी। हर जिले में एक ड्रोन यूनिट का गठन किया जाएगा। इससे न केवल निगरानी की जाएगी, बल्कि ड्रोन की मदद से वाहनों के चालान भी काटे जाएंगे। ड्रोन यूनिट के गठन से दियारा और जंगली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसी के साथ ड्रोन व्यवस्था से लैस होने वाला बिहार देश का पांचवां राज्य बन जाएगा।

क्या है योजना?

एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय से मिली सहमति के बाद बिहार पुलिस 50 ड्रोन की खरीदारी करेगी। इस पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और गुजरात में ड्रोन पुलिसिंग की शुरुआत हो चुकी है। मार्च महीने तक ड्रोन की खरीदारी कर ली जाएगी। हर जिले को एक-एक ड्रोन दिया जाएगा। 10 ड्रोन एसटीएफ के पास रहेंगे। इससे पुलिसिंग और सशक्त होगी।

 

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हाई क्वालिटी का होगा ड्रोन

अभी विभिन्न राज्यों में खरीदे गए ड्रोन का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद ड्रोन खरीदने का फैसला लिया जाएगा। विभाग की नजर हाई क्वालिटी ड्रोन खरीदने पर है, ताकि उसकी क्षमता 100 मीटर ऊंचाई से 10 किलोमीटर तक कवर करने की हो। ड्रोन करीब 45 मिनट तक हवा में उड़ने में सक्षम हो। इनका इस्तेमाल भीड़ की निगरानी, अपराधियों पर नकेल कसने और आपातकालीन सेवाओं में किया जाएगा। वहीं दियारा और जंगलों में छिपे अपराधियों की तलाश में भी इन ड्रोन की मदद ली जाएगी। 

 

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चालान काटने में भी होगी सुविधा 

अत्याधुनिक ड्रोन से विधि व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की निगरानी तो होगी ही साथ ही साथ इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान भी काटा जाएगा। यह ड्रोन नंबर प्लेट की पहचान अच्छी तरह से कर पाएंगे। विभाग के मुताबिक मार्च महीने से यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू हो जाएगी। इस सुविधा से लैस होने के बाद पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि आएगी।