यूपीएससी की परीक्षा में ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के एग्जाम पास करने के दावों को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया था कि उनकी 301वीं रैंक आई है जबकि आकांक्षा सिंह नाम की एक दूसरी महिला ने भी इसी रैंक पर अपने सिलेक्शन का दावा किया है। इसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।दोनों ने अपना रोल नंबर 0856794 बताया है. इससे सोशल मीडिया और मीडिया में काफी भ्रम फैल गया है।

 

यह भी पढ़ें: पति को परोसा 3 दिन पुराना सांभर, झगड़ा हुआ तो खुदकुशी कर बैठी महिला

ब्रह्मेश्वर मुखिया बने आकांक्षा के प्रेरणा का स्रोत

आकांक्षा ने यूपीएससी में 301वां रैंक हासिल करने के बाद अपनी खुशी जाहिर की थी। आकांक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया को दिया था। आकांक्षा ने बताया था कि जब से उनका जन्म हुआ था, तब से वह पूछती थीं कि उनके दादा कौन हैं और कहां हैं। लेकिन उनके घरवालों ने दादा के बारे में कुछ नहीं बताया था। फिर जब आकांक्षा बड़ी हुईं, तब उन्हें पता चला कि उनके दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया कई सालों से जेल में बंद थे।


उन्होंने कहा कि दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया कई साल तक समाज की भलाई के लिए जेल में कैद रहे, जिस वजह से परिवार को कई साल तक संघर्ष में जीना पड़ा। हालांकि, परिवार और दादा का संघर्ष आकांक्षा के जीवन में प्रेरणा का स्रोत बना, जिस वजह से वह यूपीएससी एग्जाम पास कर पाईं है। हालांकि, अब उनका यह दावा विवादित हो गया है।

 

यह भी पढ़ें: 'आपके भतीजे ने प्रांत का नाम रोशन कर दिया...', CM सैनी से बोले एकांश ढुल के पिता

 

गाजीपुर की आकांक्षा ने शेयर किया एडमिट कार्ड

वहीं गाजीपुर की आकांक्षा ने भी एक एडमिट कार्ड शेयर किया जिसका क्यूआर कोड स्कैन करने पर रोल नंबर 0856794 और आवेदन पत्र संख्या 12507292880 आता है। हालांकि, आरा वाली आकांक्षा के एडमिट कार्ड को स्कैन करने पर  रोल नंबर 0856569 आता है जबकि एडमिट कार्ड पर रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है। यूपीएससी के अंतिम नतीजों में भी 301 नंबर पर रोल नंबर 0856794 ही दिख रहा है। ऐसे में गाजीपुर वाली आकांक्षा के सेलेक्ट होने की संभावना ज्यादा लगती है।