हरियाणा के पंचकूला में रहने वाले एकांश ढुल ने यूपीएससी परीक्षा में 3 रैंक हासिल की है। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने फोन करके उनके परिवार को बधाई दी है। एकांश ने यूपीएससी की परीक्षा लगातार तीन बार पास की है। जहां पिछले साल 2025 में एकांश ने 295 वीं रैंक हासिल की थी और 2024 के यूपीएससी एग्जाम में 342 वीं रैंक हासिल की थी। इस बार यूपीएससी एग्जाम में एकांश ढुल ने तीसरी रैंक हासिल करके अपने परिवार और राज्य का नाम रोशन कर दिया है।
एकांश ढुल के पिता बीजेपी नेता कृष्ण ढुल हैं, जो इस वक्त अपने बेटे के रिजल्ट से बेहद खुश हैं क्योंकि एकांश ढुल ने यूपीएससी एग्जाम में जबरदस्त सुधार किया है। पिता कृष्ण के अलावा हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी भी बेहद खुश हैं। इसी वजह से रिजल्ट आने के तुरंत बाद सीएम ने एकांश के घर फोन किया और ढेर सारी बधाइयां दी हैं।
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फोन पर नायब सिंह सैनी ने क्या कहा?
सीएम नायब सिंह सैनी ने जब एकांश के घर फोन किया था तब एकांश घर पर मौजूद नहीं थे। इस वजह से सीएम सैनी ने एकांश के पिता से बात की। बात करते हुए जहां एक तरफ सीएम नायब सिंह सैनी ने बधाई दी, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेता कृष्ण ढुल ने कहा, 'राम-राम भाई साहब, आपके भतीजे ने आपके प्रांत का नाम रोशन कर दिया है। मुख्यमंत्री आपका जो मार्गदर्शन है, जिसमें हरियाणा प्रांत के सभी बच्चों को इतना बड़ा सौभाग्य मिल रहा है। आपने जो ‘पर्ची बिना खर्ची’ का नारा दे रखा है, आज आपके बच्चों ने इतिहास रच दिया है।'
उसके बाद बीजेपी नेता कृष्ण ढुल अपने पत्नी को फोन दे देते हैं। फिर सीएम नायब सिंह सैनी एकांश की माता को भी बधाई देते हैं। एकांश की मां शुक्रिया कहती हैं। साथ ही, वह कहती हैं कि यह आपके वजह से हो पाया है, क्योंकि आपने बच्चों को शिक्षा के लिए बढ़ावा दिया है, उसी वजह से यह संभव हो पाया है।
इसके बाद सीएम नायब सिंह सैनी पूछते हैं कि एकांश कहां है? इसके जवाब में कृष्ण ढुल कहते हैं कि वह अभी शिमला में ट्रेनिंग पर है और जल्द ही घर लौट आएगा। इस बातचीत से साफ समझा जा सकता है कि एकांश के पिता-माता और सीएम नायब सिंह सैनी बेहद खुश हैं।
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इसके बाद कृष्ण ढुल ने एक इंटरव्यू में अपने बेटे की सराहना करते हुए कहा, 'मैं उसकी उपलब्धि को शब्दों में बयान नहीं कर सकता। पिछले आठ सालों में उसने जो कड़ी मेहनत और एकाग्रता दिखाई है, वह सराहनीय है। उसने साबित कर दिया है कि अगर कोई बच्चा लगातार लक्ष्य के प्रति सजग रहे और कड़ी मेहनत करे, तो सफलता निश्चित है। उसकी मां और मेरी पत्नी, जो मेरे साथ बैठी हैं, ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। जब भी उसे उनकी जरूरत पड़ी, वह उसके साथ खड़ी रहीं है।'