उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 150 में पिछले महीने 17 जनवरी को हुए हादसे में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से इलाके की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे थे। अब जाकर नोएडा अथॉरिटी ने पूरे इलाके की सड़को पर CCTV कैमरों का जाल बिछाने की तैयारी शुरू की है। अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए इंजीनियरिंग और ट्रैफिक विभाग की टीमें मिलकर सर्वे करेंगी। 

 

इस सर्वे में उन जगहों की पहचान की जाएगी जहां अंधेरा रहता है या जो हिस्से निगरानी से बाहर हैं। सेक्टर के मेन रास्तों और हाउसिंग सोसाइटियों के बाहर के हिस्सों को खास तौर पर कवर किया जाएगा ताकि पूरे इलाके पर ई-निगरानी रखी जा सके।

 

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कंट्रोल रूम से होगी सीधी नजर

अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि पहले उन पॉइंट्स को मार्क किया जाएगा जहां कैमरे लगने हैं और फिर इसका बजट तैयार होगा। इन कैमरों की लाइव फीड को सेक्टर 94 में बने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, ताकि सड़क पर नजर रखने में आसानी हो।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

सेक्टर 150 तेजी से विकसित हो रहा है और यहां करीब 10,000 लोग रहते हैं। इसके बावजूद यहां रोशनी की कमी और जगह-जगह पड़े निर्माण मलबे जैसी समस्याएं थीं। 17 जनवरी की रात को सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार हादसे का शिकार हो गई थी, जिसके बाद लोगों में काफी गुस्सा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कैमरों की मदद से पुलिस असामाजिक तत्वों और तेज रफ्तार गाड़ियों पर लगाम लगा पाएगी।

दुर्घटना वाली जगह पर हुए सुधार

हादसे वाली जगह पर अथॉरिटी ने अब जरूरी बदलाव कर दिए हैं। वहां तीखे मोड़ पर चमकने वाली लाइटें और हाई-इंटेंसिटी रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। साथ ही, अब वहां बैरिकेड्स भी लगा दिए गए हैं ताकि कोई गाड़ी सीधे गड्ढे की तरफ न जा सके। यह पूरी मुहिम नोएडा के उन 65 'ब्लैक स्पॉट्स' को सुधारने का हिस्सा है, जिनकी पहचान हाल ही में की गई है।