भारत-नेपाल बॉर्डर पर उस वक्त सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं, जब रक्सौल के इंडो-नेपाल मैत्री पुल पर एक संदिग्ध चीनी नागरिक को हिरासत में लिया गया। उसके पास से लड़ाकू विमान जैसी आकृति वाला एक खिलौना मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर वह सीमा पार क्यों करना चाहता था और उसके पास मौजूद वस्तु का मकसद क्या था।

 

जानकारी के मुताबिक   55 वर्षीय विदेशी नागरिक ई-रिक्शा पर सवार होकर भारत से नेपाल की ओर जा रहा था। जैसे ही वह मैत्री पुल के पास पहुंचा, वहां तैनात सशस्त्र सीमा बल की 47वीं बटालियन के जवानों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जवानों ने तुरंत उसे रोककर पूछताछ शुरू की।

संदिग्ध खिलौने से बढ़ा शक

प्रारंभिक जांच में व्यक्ति बेहद घबराया हुआ दिखाई दिया। उसके हाव-भाव और जवाब देने के तरीके ने सुरक्षा बलों का शक और बढ़ा दिया। इसके बाद जवानों ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके बैग से नेपाली वीजा पासपोर्ट के अलावा लड़ाकू विमान जैसी आकृति वाला एक खिलौना बरामद हुआ। यह वस्तु देखने में सामान्य खिलौने जैसी जरूर थी लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कहीं इसका इस्तेमाल किसी तकनीकी या संदिग्ध उद्देश्य के लिए तो नहीं किया जाना था।

 

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पूछताछ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भाषा बनी हुई है। गिरफ्तार व्यक्ति हिंदी, अंग्रेजी और नेपाली तीनों भाषाओं से पूरी तरह अनजान बताया जा रहा है। वह केवल चीनी भाषा में ही बातचीत कर रहा है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों ने दुभाषिए की मदद लेना शुरू कर दिया है ताकि उससे सही जानकारी हासिल की जा सके।

 

हर चीज की हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार, व्यक्ति के पास मिले दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। उसके यात्रा रूट, भारत आने का उद्देश्य, नेपाल जाने की वजह और उसके संपर्कों को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि वह अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ है।

 

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घटना के बाद रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। सीमा पर आने-जाने वाले लोगों की जांच पहले से अधिक गहन तरीके से की जा रही है। एसएसबी, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। रक्सौल बॉर्डर भारत-नेपाल के बीच सबसे संवेदनशील सीमाई क्षेत्रों में माना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में किसी विदेशी नागरिक की संदिग्ध गतिविधि सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। यही वजह है कि जवानों ने बिना कोई जोखिम उठाए तुरंत कार्रवाई की।

 

फिलहाल गिरफ्तार चीनी नागरिक को सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर सीमाई सुरक्षा और विदेशी गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।