संजय सिंह, पटना: नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में पहली कैबिनेट बैठक हुई। पहली बैठक में ही बीजेपी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। करीब एक घंटे चली इस बैठक में 22 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनका प्रभाव राज्य के विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और आधारभूत ढांचे पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। यह बैठक आने वाले वर्षों के लिए एक स्पष्ट विजन डॉक्यूमेंट की तरह मानी जा रही है।

राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाया है। 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने का फैसला लिया गया है। 66.75 करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य है, पुलिस की त्वरित पहुंच, खासकर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में। इससे न सिर्फ पेट्रोलिंग बढ़ेगी, बल्कि महिला पुलिस की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी और जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।

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सोनपुर बनेगा धार्मिक पर्यटन का पावरहाउस

सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी है। सरकार ने इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए 680 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर का विस्तार, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, नदी घाटों का सौंदर्यीकरण यातायात और पार्किंग व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इन सभी कार्यों से यह क्षेत्र न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार में भी बड़ा उछाल आने की संभावना है।

तारापुर में भी पर्यटन की अपार संभावनाएं बढ़ेंगी

मुंगेर जिले के तारापुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 15 एकड़ सरकारी जमीन पर्यटन विभाग को मुफ्त दी जाएगी। यह कदम इस इलाके को एक संगठित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम है। यहां धार्मिक स्थलों के साथ-साथ इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

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वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान रजिस्ट्री व्यवस्था

नई निबंधन नियमावली 2026 के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में विशेष सुविधा दी जाएगी। अब उन्हें लंबी लाइनों या बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार का यह कदम 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में एक संवेदनशील पहल माना जा रहा है।

युवाओं के लिए रोजगार और स्किल का बड़ा इंजन
 
राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत बिहार के 75 आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों में बदला जाएगा। 3615 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत नई मशीनों और लैब की स्थापना, उद्योगों के साथ साझेदारी, रोजगार आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं को सीधे उद्योगों से जुड़ने का मौका मिलेगा और राज्य में स्किल्ड मैनपावर तैयार होगी।

11 नए सैटेलाइट टाउनशिप, शहरीकरण को नई दिशा

तेजी से बढ़ते शहरी दबाव को देखते हुए सरकार ने 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी है। इन टाउनशिप में आधुनिक आवासीय सुविधाएं, बेहतर सड़क और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, जल और सीवरेज की उन्नत व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल इन क्षेत्रों में जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगाई गई है, ताकि योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके। यह कदम अनियंत्रित शहरीकरण को रोकने और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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आईटी, रिसर्च और सुरक्षा ढांचे को मजबूती

तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। आईआईटी पटना में 305 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क बनाया जाएगा, जिससे स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 के लिए 39.01 करोड़ रुपये, राजीव नगर में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSSE) और पुलिस डाटा सेंटर के लिए 172.80 करोड़ रुपये, फायर ब्रिगेड के लिए 62 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक लैडर मशीन हेतु 18 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इन फैसलों से आपदा प्रबंधन, पुलिस रिस्पांस सिस्टम और तकनीकी विकास को नई मजबूती मिलेगी।

संतुलित विकास का स्पष्ट संदेश

नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक ने यह संकेत दे दिया है कि फोकस केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव पर है। सुरक्षा, पर्यटन, शिक्षा, शहरी विकास और तकनीक हर क्षेत्र को संतुलित रूप से प्राथमिकता दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है।