कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कबड्डी मैच के दौरान मात्र 500 रुपये की शर्त अब कानूनी जांच का विषय बन गई है। इसी मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर और तुमकुरु की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण के खिलाफ ही FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है। आरोप है कि इन दोनों ने एक राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान अवैध सट्टेबाजी की। इस मामले में बेंगलुरु की एक अदालत ने आदेश दिए हैं कि पुलिस इसकी जांच करे और FIR दर्ज करे।

 

यह मामला अक्टूबर 2025 का है। जब तुमकुरु में प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के छात्रों के लिए कबड्डी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। फाइनल मुकाबले के दौरान गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंच से सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया था कि उन्होंने डिप्टी कमिश्नर के साथ 500 रुपये की शर्त लगाई है। इस बयान के बाद मामला सुर्खियों में आ गया और इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई गई।

 

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सार्वजनिक बयान बना विवाद की वजह

फाइनल मैच में दक्षिण कन्नड़ और विजयपुरा की टीमों के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें दक्षिण कन्नड़ ने 36-26 से जीत दर्ज की। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान गृह मंत्री ने परमेश्वर ने कहा, 'मैंने DC से 500 रुपये की शर्त लगाई थी कि विजयपुरा टीम जीतेगी लेकिन मैं पैसे हार गया।' यही बयान बाद में विवाद का कारण बन गया और इसे सट्टेबाजी बताते हुए शिकायत दर्ज की गई।

कोर्ट ने लगाई फटकार

जब पुलिस ने इस शिकायत को तथ्यहीन बताकर खारिज कर दिया तो शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। बेंगलुरु के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केएन शिवकुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि अखबार की रिपोर्ट और मंत्री का बयान पहली नजर में जांच का आधार बनाते हैं।

 

अदालत ने यह भी साफ किया कि सट्टा लगाना मंत्री या डीसी के आधिकारिक कर्तव्यों का हिस्सा नहीं है इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार से किसी विशेष मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।

 

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BNSS के तहत होगी जांच

अदालत ने कोडिगेहल्ली पुलिस को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस ने बिना किसी सबूत की मांग किए या जांच किए ही शिकायत को कैसे खारिज कर दिया। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस अपने ही गृह मंत्री के खिलाफ इस 500 रुपये के सट्टेबाजी मामले की जांच को कितनी निष्पक्षता से आगे बढ़ाती है।