दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दो बड़े फर्जी वस्तु एवं सेवा कर (GST) घोटालों का भंडाफोड़ किया है। इन घोटालों में कुल 140 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी लेन-देन पाए गए। पुलिस ने शनिवार चार्टर्ड अकाउंटेंट अतुल गुप्ता समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

राज कुमार दीक्षित, दिलीप कुमार, विभाष कुमार मित्रा, अमर कुमार, नितिन वर्मा, मोहम्मद वसीम और आबिद पर आरोप है कि इन लोगों ने अलग-अलग मामलों में 140 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी लेन-देन किए हैं। 

 

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कैसे साजिश का हुआ पर्दाफाश?

सीए अतुल गुप्ता पर आरोप है कि उसने अपनी कंपनी का इस्तेमाल करके कई कंपनियों के नाम पर फर्जी GST रिटर्न दाखिल किए। कुछ कंपनियों के मालिकों को इसकी कोई जानकारी भी नहीं थी। 

 

 

फर्जी कंपनियां बनाकर पैसों का होता था हेरफेर

एक शिकायतकर्ता यशस्वी शर्मा ने बताया कि उनके फर्म स्वास्तिक एंटरप्राइजेज के नाम पर 28.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक खातों के जरिए पैसों का हेरफेर होता था।

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फर्जी कंपनी बनाई, 128 करोड़ का घपला कर लिया

एक दूसरे केस में, नौकरी दिलाने के झांसे में धांधली हुई। उसके आधार, पैन और बायोमेट्रिक डिटेल्स का इस्तेमाल करके फर्जी कंपनी आरके एंटरप्राइजेज बनाई गई। इस फर्जी कंपनी के जरिए 128 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन किए गए। करीब 10 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया। 

9वीं पास लेकिन 250 से ज्यादा बनाई फर्जी कंपनियां 

पुलिस ने बताया कि राज कुमार दीक्षित और दिलीप कुमार इस घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। राज कुमार दीक्षित ने सिर्फ 9वीं तक पढ़ाई करने के बावजूद 250 से ज्यादा फर्जी कंपनियां चलाईं। 

कैसे हो रही थी धांधली?

आरोपी लोग दूसरों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कंपनियां बनाते थे, फर्जी बिल बनाते थे और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा उठाते थे। 

 

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15 मई से चल रही है छापेमारी 

पुलिस की कई टीमों ने 15 मई को दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी करके सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। EOW अब पूरे मामले की आगे जांच कर रही है।