अमिताब बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) टीवी शो से चर्चा में आई मध्य प्रदेश की अधिकारी अमिता सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं लेकिन इस बार चर्चा में रहने का कारण कुछ अलग है। तहसीलदार अमिता सिंह बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी हैं और इस मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश की श्योपुर पुलिस ने अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। अमिता सिंह पर बाढ़ में पीड़ितों के लिए आई राहत राशि में से करीब ढाई करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने के आरोप हैं। इससे पहले भी अमिता सिंह कई बार विवादों में रह चुकी हैं। 
 

पुलिस ने उन्हें ग्वालियर से गिरफ्तार करने के बाद श्योपुर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दरअसल, बड़ौदा तहसीलदार रहते हुए अमिता सिंह तोमर ने गड़बड़ी की थी। उन्होंने फर्जीवाड़े के लिए पूरा नेटवर्क खड़ा किया था। इस मामले में जब जांच हुई तो पता चला की बाढ़ राहत का मुआवजा कई ऐसे लोगों को दिया गया है जो वास्तव में थे ही नहीं। यानी फर्जी नाम जोड़कर उनके नाम पर पैसा ट्रांसफर कर लिया गया। वहीं, जो असल में बाढ़ पीड़ित थे उन्हें मुआवजा मिला ही नहीं। 

 

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ऐसे किया घोटाला

इस घोटाले की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बड़ोदा तहसील में उस समय की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने बाढ़ रहात  की राशि को ठगने का प्लान बनाया था। उन्होंने 25 पटवारियों और 100 से ज्यादा दलालों के साथ मिलकर 127 फर्जी खातों में करीब 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब डिप्टी कलेक्टर ने ऑडिट किया। इसके बाद बड़ौदा खाने में FIR दर्ज की गई। 

फरार थीं अमिता सिंह

इस मामले के खुलासे के बाद जब पुलिस ने गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए तो अमिता सिंह ने अपने बचाव के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने हले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ लगाई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सुनवाई के दौरान जजों ने साफ किया कि इस मामले में जमानत का कोई आधार नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति की याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद से अमिता सिंह फरार चल रही थीं। 

 

गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली थीं कि वह ग्वालियर में हैं।  बड़ौदा पुलिस की एक टीम ग्वालियर स्थित अमिता सिंह के निवास पर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर ग्वालियर से साथ ले गई। इस गिरफ्तारी पर श्योपुर के एसपी सुधीर अग्रवाल ने बताया कि तत्कालीक तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को  बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में ग्वालियर में स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया है।

 

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KBC से मिली थी पहचान

बता दें कि अमिता सिंह मध्य प्रदेश की एक चर्चित अधिकारी हैं। पहली बार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में अमिताभ बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति टीवी शो से चर्चा में आई थीं। उन्होंने इस शो में 50 लाख रुपये जीते थे। इसके बाद लोग उन्हें केबीसी वाली मैडम भी कहने लगे थे। इसेक अलावा वह कई बार विवादों में भी रह चुकी हैं। वह कई बार सोशल मीडिया पोस्ट और अपने बायानों को लेकर चर्चा में रही हैं। एक बार तो उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया था। 14 साल की नौकरी में अब तक उन्हें 25 बार ट्रांसफर किया जा चुका है।