पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग और ममता बनर्जी सरकार के बीच विवाद तेज हो गया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष संशोधन को लेकर तनाव बढ़ रहा है। तृणमूल कांग्रेस के नेता और फरक्का के विधायक मनीरुल इस्लाम ने बुधवार को चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि आयोग को 'पाताल लोक से भी ढूंढ निकाला जाएगा' और 'सबक सिखाया जाएगा'। उन्होंने कहा कि आयोग लोगों को परेशान कर रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब मनीरुल इस्लाम विवाद में आए हैं। पिछले हफ्ते उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO) पर भीड़ के साथ हमला किया और वहां तोड़फोड़ की, जिससे अधिकारी घायल हो गए।
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BJP ने किया विरोध प्रदर्शन
बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि तृणमूल का विधायक खुलेआम चुनाव आयोग को धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी गृह मंत्री के रूप में अपने विधायक से अधिकारियों को डराने के लिए कह रही हैं! टीएमसी अवैध घुसपैठियों की रक्षा करती है!'
पश्चिम बंगाल में मंगलवार को फॉर्म 7 जमा करने को लेकर TMC और BJP कार्यकर्ताओं ने सड़कें जाम कीं और विरोध प्रदर्शन किए। इससे हिंसा हुई। TMC ने लोगों से अपील की कि वे उकसावे में न आएं। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, 'गुस्सा समझ में आता है, लेकिन लड़ाई अदालत में और EVM से लड़नी है। ममता बनर्जी आपके लिए लड़ रही हैं। उकसावे में न पड़ें।'
TMC पर अराजकता का आरोप
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर राज्यव्यापी अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि TMC SIR प्रक्रिया को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। हुगली के मोगरा में BJP कार्यकर्ताओं ने GT रोड जाम किया और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में फॉर्म 7 जमा करने की मांग की।
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR पर चिंताएं दूर कीं। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेटों से कहा कि मतदाताओं को 'तार्किक असंगतियों' (logical discrepancies) के नाम पर परेशान न किया जाए। नबन्ना में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ममता ने कहा कि सभी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग को आदेश दिया कि 'तार्किक असंगतियों' वाली सूची ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक ऑफिसों पर दिखाई जाए। वहां दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। कोर्ट ने मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए 10 अतिरिक्त दिन दिए। इससे कोलकाता के कई मतदाताओं को राहत मिली, जिन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अवैध घुसपैठियों पर सख्ती बरतने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासी देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्हें पहचानकर उनके देश वापस भेजना जरूरी है। पीएम मोदी ने वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों की रक्षा करने वाली पार्टियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'कुछ पार्टियां वोट बैंक के लिए अवैध घुसपैठियों को बचाती हैं। हमें उन्हें जनता के सामने बेनकाब करना होगा।'
