उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मुंडन संस्कार के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां गंगा नदी में डूबने से दो सगी बहनों समेत चार लोगों की मौत हो गई। फेफना थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव के वशिष्ठ चौहान के घर में बच्चे का मुंडन था। इसके लिए पूरा परिवार और उनके रिश्तेदार रविवार की सुबह ब्यासी के शिवरामपुर घाट पर इकट्ठा हुए थे। सुबह करीब 8 बजे जब परिवार की लड़कियां नदी में नहा रही थीं, तभी अचानक दो लड़कियां गहरे पानी की तरफ चली गईं और डूबने लगीं। उन्हें डूबता देख घाट पर मौजूद लोग शोर मचाने लगे।
अपनी बहनों को डूबता देख रिश्तेदार अरुण और अर्जुन ने तुरंत गंगा नदी में छलांग लगा दी। वहां मौजूद नाविक और लोगों की मदद से दो लड़कियों को तो बचा लिया गया लेकिन उन्हें बचाने गए दोनों युवक और दो अन्य लड़कियां गहरे पानी के बहाव में फंस गए। देखते ही देखते चारों लोग नदी में गायब हो गए। खुशी का माहौल अचानक मातम में बदल गया और घाट पर चीख-पुकार मच गई।
यह भी पढ़ें: 'न मर्द पहचान में आ रहे, न औरतें...', विवेक विहार के चश्मदीदों की आपबीती
SDRF ने चलाया बचाव अभियान
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। SDRF की टीम और स्थानीय गोताखोरों ने मिलकर कई घंटों तक नदी में खोजबीन की। काफी कोशिशों के बाद टीम ने चारों शवों को नदी से बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलते ही DM मंगला प्रसाद सिंह और SP ओमवीर सिंह ने भी घाट का दौरा किया और परिवार को सांत्वना दी। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
यह भी पढ़ें: सिवान: BJP नेता के भानजे को मारा, एनकाउंटर में ढेर हुआ सोनू यादव
हादसे का शिकार हुए लोग
नदी में डूबने वालों में गड़वार क्षेत्र के गढ़ रामपुर भोज की रहने वाली 17 साल की हर्षिता चौहान और उसकी 12 साल की छोटी बहन नंदिता चौहान शामिल हैं। वहीं उन्हें बचाने की कोशिश में 20 साल के अरुण चौहान और गाजीपुर के रहने वाले 19 साल के अर्जुन चौहान की भी जान चली गई। अर्जुन अपने मामा के घर कल्याणपुर आया हुआ था। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दुख का माहौल है।
