मुंबई एयरपोर्ट पर केन्या के 26 लोगों को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि वे नैरोबी से मुंबई 29.4 किलोग्राम सोने की तस्करी कर रहे थे, जिसकी कीमत लगभग 37.7 करोड़ रुपये है। राजस्व खुफिया निदेशालय को इस तस्करी के बारे में पहले ही जानकारी मिल गई थी, इस वजह से खुफिया निदेशालय ने इन आरोपियों की गिरफ्तारी की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी। प्लानिंग के तहत अधिकारियों की टीम एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर इस गिरोह का इंतजार कर रही थी। 

 

यह घटना मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है, जहां बुधवार यानी 8 अप्रैल को खुफिया निदेशालय ने केन्या के 26 लोगों को गोल्ड तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक इन 26 आरोपियों में एक आरोपी फर्जी पासपोर्ट के जरिए मुंबई आया था। इन आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: मां की बिगड़ती सेहत से थे परेशान, दोनों बेटों ने केमिकल पीकर दे दी जान

 

क्या है पूरा मामला?

खुफिया निदेशालय के मुताबिक ये सभी आरोपी केन्या की राजधानी नैरोबी से फ्लाइट नंबर KQ 202 के जरिए मुंबई पहुंचे थे। अधिकारियों के अनुसार इन आरोपियों ने गोल्ड छिपाने के लिए काफी चालाकी भरे तरीके अपनाए थे। जिसमें गोल्ड को अपने जूतों और कपड़ों के अंदर छिपाकर रखा था। इसके अलावा कुछ यात्रियों ने सोने की छड़ों और गहनों को काले टेप में लपेटकर अपने सामान में छिपाया था। जब इन आरोपियों को शक हुआ कि अधिकारी उन पर नजर रख रहे हैं तो कुछ महिलाओं ने लगेज बेल्ट के पास सोने के पाउच फेंकने की कोशिश भी की थी।

 

यह भी पढ़ें: पिता, 2 बच्चों को किया किडनैप, रास्ते में टैंकर से भिड़ी बोलेरो, मौके पर हुई मौत


कैसे पकड़े गए लोग?

खुफिया निदेशालय (DRI) को पहले से ही सूचना मिली थी कि एक बड़ा गिरोह एक ही फ्लाइट से गोल्ड की तस्करी करने वाला है। इसके बाद अधिकारियों ने एयरपोर्ट के ग्रीन चैनल के पास जाकर संदिग्धों की हरकतों पर नजर रखी। जब यात्री पकड़े जाने के डर से पीछे हटने लगे, तब अधिकारियों ने उन्हें रोककर तलाशी ली।


अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ आना किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की बड़ी साजिश का हिस्सा है, फिलहाल सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि भारत में यह गोल्ड किसे सौंपा जाना था।