गुजरात के अहमदाबाद में नकली नोटों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है जिसमें पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के बड़े रैकेट में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि यह रैकेट काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार सूरत तक जुड़े हुए हैं। पुलिस मामले में शामिल अन्य एजेंटों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के पास से लगभग 2.48 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। ये सभी नोट पांच सौ रुपये के थे और इन्हें मार्केट में चलाने की तैयारी की जा रही थी। जांच में सामने आया है कि आरोपी इन नकली नोटों को असली पैसे के बदले कम कीमत पर एजेंटों के जरिए बाजार में सप्लाई करते थे।
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क्या है पूरा मामला?
अहमदाबाद पुलिस ने 18 मार्च को नकली नोट बनाने वाले इस रैकेट का खुलासा किया था। पुलिस ने रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 2.38 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार आरोपी एआई आधारित प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी और चीन से मंगाए गए सिक्योरिटी थ्रेड पेपर का इस्तेमाल कर उच्च गुणवत्ता वाले 500 रुपये के नकली नोट तैयार कर रहे थे।क्राइम ब्रांच की ओर से 18 मार्च को जारी प्रेस नोट के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर एक सफेद फॉर्च्यूनर कार को अमराईवाड़ी स्थित टोरेंट पावर के पास रोका गया। यह कार सूरत से अहमदाबाद नकली नोटों की सप्लाई के लिए लाई जा रही थी।
चार महीने से चल रही थी साजिश
तलाशी के दौरान गाड़ी से एक काले बैग और छिपाकर रखे गए पैकेटों से बड़ी मात्रा में जाली नोट बरामद हुए, जिसके बाद सभी सवारों को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले चार महीनों से सूरत के एक मकान में नकली नोट छापने की साजिश रच रहे थे। आरोपियों ने आरबीआई और भारत जैसी मार्किंग वाले सिक्योरिटी थ्रेड पेपर को चीन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अलीबाबा के जरिए मंगाया था और इसके लिए डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने छापा मार कर काफी सामाना भी बरामद किया है। पुलिस की ओर बताया गया कि आरोपियों ने आरबीआई और भारत जैसी मार्किंग वाले सिक्योरिटी थ्रेड पेपर को चीन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अलीबाबा के जरिए मंगाया था और इसके लिए डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल किया गया। उस समय एक महिला समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और अब इस मामले में एक और गिरफ्तारी हो गई है।
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भवेश गजेरा हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने मुकेशभाई लाखाभाई थुम्मर, अशोकभाई धनजीभाई मवाणी, रमेशभाई वल्लभभाई भालार, दिव्येश ईश्वरभाई राणा, प्रदीपभाई दिलीपभाई जोटांगिया, भरतभाई वलजीभाई काकड़िया और कतरगाम को गिरफ्तार किया था। यह सारे आरोपी सूरत के रहने वाले थे। अब इस मामले में भवेश गजेरा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह सूरत के कामरेज इलाके का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि वह इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था और मुख्य आरोपी के संपर्क में था।
जांच जारी
जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट को शुरू करने के लिए आरोपियों ने मिलकर करीब तीस लाख रुपये जुटाए थे। नकली नोटों से जो भी कमाई होती उसका आधा हिस्सा एक नया आश्रम बनाने में लगाने की योजना थी जबकि बाकी पैसा गिरोह के सदस्यों के बीच बांटा जाना था। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि नकली नोट कितनी मात्रा में बाजार में पहुंच चुके हैं।
