उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के जिलाधिकारी अनुनय झा के मॉर्निंग वॉक पर जाने के कारण जल निगम के एक बड़ खेल का पर्दाफाश हो गया। हरदोई के जेल रोड स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम के निर्माण खंड के भंडार गृह में सरकारी सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जलाकर नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। डीएम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो ग्रामीण पेयजल योजनाओं से जुड़ी सामग्री, वॉटर टेस्टिंग किट, सुरक्षा उपकरण और दस्तावेज आग के हवाले किए जाते मिले।
जानकारी के मुताबिक, डीएम अनुनय झा सुबह स्टेडियम से लौट रहे थे। उनके साथ एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इसी दौरान जल निगम के भंडार गृह से धुआं उठता दिखाई दिया। संदेह होने पर डीएम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
केमिकल, किट और दस्तावेज जलाते मिले
जांच में पानी की गुणवत्ता जांचने वाले केमिकल, वॉटर टेस्टिंग किट, हेलमेट, सुरक्षा जैकेट, दस्ताने और अन्य सरकारी सामग्री मिली। कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों की प्रतियां भी आग के हवाले की जा रही थीं। अधिकारियों को देखकर कुछ कर्मचारी मौके से भाग निकले।
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डीएम के निर्देश पर लेखपाल वीएस कुमार की तहरीर पर प्रभारी अधिशासी अभियंता नवनीत सिंह, सहायक अभियंता अमित सिंह, चौकीदार मेवाराम और शालिग्राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मौके पर मौजूद लोगों से सामग्री और दस्तावेज नष्ट करने की अनुमति संबंधी आदेश मांगे गए लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका। भंडार गृह अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद पाया गया।
दक्ष कंपनी के ठेके पर भी सवाल
जांच में सामने आया कि 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पानी की गुणवत्ता जांचने का ठेका दक्ष नामक संस्था को मिला था। संस्था जल निगम के स्टोर का उपयोग कर रही थी, जहां बड़ी संख्या में वॉटर टेस्टिंग किट और संबंधित सामग्री रखी गई थी। रिकॉर्ड और सामग्री जलाए जाने के बाद अब इस पूरी व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है।
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विभागीय जांच के आदेश
एफआईआर के साथ जिलाधिकारी ने नवनीत सिंह, अमित सिंह, मेवाराम और शालिग्राम के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी रिकॉर्ड, केमिकल और वॉटर टेस्टिंग किट जलाए जाने का मामला सामने आने के बाद जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।
