हरियाणा सरकार ने सीनियर IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। सीबीआई ने बैंक फ्रॉड मामले में 22 जून को पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। 23 जून को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़ा है।
पंकज अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और कृषि विपणन बोर्ड के खातों से करोड़ों रुपये गबन किए। पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग में प्रधान सचिव थे। यह घोटाला सैकड़ों करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इससे पहले भी एक IAS अधिकारी को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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हरियाणा सरकार का आदेश क्या है?
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि CBI ने हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की FIR पर अपनी जांच शुरू की है। जांच में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराएं लगाई गई हैं। CBI ने पंकज अग्रवाल के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए राज्य सरकार से पूर्व अनुमति मांगी थी, जिसे हरियाणा सरकार ने मंजूरी दी।
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क्यों पकंज अग्रवाल निलंबित हुए हैं?
पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 को CBI ने हिरासत में लिया था। ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसीप्लीन एंड अपील) रूल्स 1969 के तहत अगर कोई अधिकारी 48 घंटे से ज्यादा की हिरासत अवधि में रहता है तो उसे स्वत: निलंबित मान लिया जाता है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमों के मुताबिक जीविका भत्ता मिलता रहेगा। उनके मुख्यालय से संबंधित आदेश बाद में जारी किए गए हैं।


