सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
CBI
ने 22 जून को हरियाणा के सीनियर अधिकारी पंकज अग्रवाल से पूछताछ की थी और इसके बाद ही उनकी गिरफ्तारी हुई है। अब जानकारी सामने आ रही है कि पंजक अग्रवाल के खिलाफ CBI को कई अहम सबूत मिले थे। इनमें एक ऑडियो ने अहम रोल निभाया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान CBI को IDFC फर्स्ट बैंक के मैनेजर और घोटाले के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि तथा पंकज अग्रवाल के बीच हुई फोन बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली थी। इस रिकॉर्डिंग में रिभव ने पंकज अग्रवाल से 10 करोड़ रुपये एक बिल्डर के खाते में ट्रांसफर करने की बात कह रहे हैं।
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बिल्डर के खाते में पैसा ट्रांसफर
CBI के मुताबिक पंकज अग्रवाल पर आरोप हैं कि उन्होंने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सरकारी फंड में धांधली की है। दावा किया जा रहा है कि इन दोनों की बातचीत में पंकज अग्रवाल ने बैंक मैनेजर को अपनी सहमति दे दी थी। इसके बाद 14 जनवरी 2026 को यह राशि एक बिल्डर के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस पुख्ता डिजिटल सबूत के सामने आते ही CBI ने IAS अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
क्या-क्या आरोप हैं?
हरियाणा वित्त विभाग के नियमों को तोड़कर ये खाते खोले गए। इन खातों में तय सीमा से ज्यादा पैसे ट्रांसफर किए गए। फर्जी लेन-देन के जरिए कुल 60.54 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया, जिससे राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ।CBI की जांच में पता चला कि यह घोटाला IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 ब्रांच का हिस्सा है। यहां कुल 8 हरियाणा सरकार विभागों के 504 करोड़ रुपये गबन कर लिए गए थे। ये पैसे शेल कंपनियों के जरिए निकाल लिए गए।
CBI ने 22 जून को पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, 3 हरियाणा सरकार के अधिकारी, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं। पहले गिरफ्तार हुए IAS अधिकारी आरके सिंह को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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प्वाइंट्स में समझिए मुख्य आरोप
- मुख्या आरोपी रिभव ऋषि ने पंकज अग्रवाल की सहमति से बैंक अकाउंट चलाए।
- खाते के जरिए 182.93 करोड़ रुपये के 101 डेबिट और 132.39 करोड़ रुपये के 33 क्रेडिट ट्रांजैक्शन किए गए।
- सरकारी पैसे को कथित तौर पर हेरफेर और दुरुपयोग में भूमिका निभाने का आरोप।
- कृषि विभाग में आने के बाद भी IDFC बैंक में नया गैर-जरूरी खाता खुलवाकर करोड़ों रुपये ट्रांसफर कराने का आरोप।
- घोटाले के बदले करोड़ों की रिश्वत लेने और उससे सोना और संपत्तियां खरीदने का आरोप।