सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने हरियाणा के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। CBI ने 22 जून को हरियाणा के सीनियर अधिकारी पंकज अग्रवाल से पूछताछ की थी, फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पंकज अग्रवाल, अभी स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं। CBI के मुताबिक पंकज अग्रवाल पर आरोप हैं कि उन्होंने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सरकारी फंड में धांधली की है।
HSSPP और HSAMB, दोनों विभागों के खाते IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में थे। गिरफ्तारी के बाद पंकज अग्रवाल की पेशी मंगलवार को अदालत में होगी। IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल पर सरकारी धन के गबन के आरोप हैं। पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा और कृषि विभागों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे। CBI के मुताबिक, उन्होंने HSSPP और HSAMB के खातों से सरकारी फंड गबन करने में भूमिका निभाई। ये दोनों खाते चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक में खोले गए थे।
यह भी पढ़ें: हरियाणा बैंक घोटाला मामले में CBI जांच की सिफारिश, रडार पर आ सकते हैं कई IAS
क्या-क्या आरोप हैं?
हरियाणा वित्त विभाग के नियमों को तोड़कर ये खाते खोले गए। इन खातों में तय सीमा से ज्यादा पैसे ट्रांसफर किए गए। फर्जी लेन-देन के जरिए कुल 60.54 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया, जिससे राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ।CBI की जांच में पता चला कि यह घोटाला IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 ब्रांच का हिस्सा है। यहां कुल 8 हरियाणा सरकार विभागों के 504 करोड़ रुपये गबन कर लिए गए थे। ये पैसे शेल कंपनियों के जरिए निकाल लिए गए।
अब तक केस में क्या पता चला है?
CBI ने 22 जून को पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।इस मामले में अब तक 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, 3 हरियाणा सरकार के अधिकारी, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं। पहले गिरफ्तार हुए IAS अधिकारी आरके सिंह को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह भी पढ़ें: 597 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में फंसे ज्वैलर और बिल्डर, रोज हो रहे नए खुलासे
जांच कहां तक पहुंची है?
CBI ने चंडीगढ़ के दो और संबंधित मामलों CSCL और CREST की जांच भी अपने हाथ में ले ली है। इनमें भी बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एक सीनियर IFS अधिकारी को CREST मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी फंड्स कहां-कहां इस्तेमाल हुए हैं, उन्हें जांच एजेंसी तलाश रही है।