संजय सिंह, पटना। समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल अंतर्गत अजनौल गांव में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब हरियाणा पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बीजेपी के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल के आवास पर छापेमारी की। सुबह से ही हरियाणा एसटीएफ, समस्तीपुर एसटीएफ और स्थानीय थाना पुलिस की भारी मौजूदगी के कारण पूरे गांव में दहशत और कौतूहल का माहौल बना रहा।

 

सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी हरियाणा में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले के सिलसिले में की गई है, जिसमें जाली नोटों के जरिए रुपया डबलिंग के नाम पर ठगी करने और बाद में लूट की घटना को अंजाम देने का आरोप है। प्राथमिकी के मुताबिक, एक व्यक्ति को दो लाख रुपये के बदले चार लाख रुपये देने का झांसा दिया गया था। लालच में आकर पीड़ित ने जब रुपये का लेनदेन किया, तो उसे रास्ते में लूट लिया गया।

 

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हरियाणा STF ने की कार्रवाई

इस पूरे मामले की जांच के दौरान पंकज कुमार लाल का नाम सामने आने के बाद एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी। इसी क्रम में हरियाणा एसटीएफ ने बिहार एसटीएफ से संपर्क कर संयुक्त रूप से अजनौल गांव में छापेमारी की। 

 

टीम ने पंकज कुमार लाल के घर की गहन तलाशी ली और आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह घेराबंदी कर सुरक्षित किया। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर के नजदीक जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।

BJP के पूर्व जिला प्रवक्ता

पंकज कुमार लाल बीजेपी में पूर्व में जिला प्रवक्ता रह चुके हैं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी खलबली मच गई है। वर्तमान में वे रेलवे में रेल नीर की सप्लाई के व्यवसाय से जुड़े बताए जाते हैं। इसके अलावा विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर में उनकी एक रिक्शा एजेंसी भी संचालित की जाती है। 

 

जानकारी के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व उन्होंने अजनौल गांव में जमीन खरीदकर करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक भव्य मकान का निर्माण शुरू कराया था, जिसका कार्य अभी भी जारी है। छापेमारी के बाद से पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग इस बात को लेकर कयास लगा रहे हैं कि कहीं इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा। जांच एजेंसियां भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं और कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगालने में जुटी हुई हैं।

 

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डीएसपी ने की पुष्टि

मामले को लेकर पूछे जाने पर डीएसपी विवेक शर्मा ने छापेमारी की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई संयुक्त जांच के तहत की गई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और छापेमारी पूरी होने के बाद ही पूरे मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल एसटीएफ की इस कार्रवाई ने समस्तीपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है।