देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। होली के दिन दो परिवारों के बीच रंग वाला गुब्बारा फेंकने को लेकर शुरू हुआ मामूली झगड़ा हिंसक झड़प में बदल गया। इस हिंसा में 26 साल के तरुण नाम के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

 

तरुण की मौत के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। 6 मार्च को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एक कार और बाइक में आग भी लगा दी गई, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।

 

यह भी पढ़ें: कैब में छेड़छाड़ करने लगा ड्राइवर, भागकर नैनीताल के जंगल में छिपी युवती

मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद

पुलिस और पीड़ित परिवार के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार को होली मनाने के दौरान शुरू हुई। बताया जा रहा है कि जेजे कॉलोनी में एक 11 साल की बच्ची छत से होली खेल रही थी। उसने नीचे खड़े अपने रिश्तेदारों पर पानी का गुब्बारा फेंका लेकिन उसका कुछ रंग पास से गुजर रही एक महिला पर गिर गया।

 

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव और लाठी-डंडे चलने लगे। तरुण के दादा मान सिंह, जो खुद भी इस हमले में घायल हुए हैं, उन्होंने बताया कि पहले मामला शांत होता दिख रहा था लेकिन बाद में दूसरे पक्ष ने भीड़ इकट्ठा कर हमला कर दिया।

तरुण बना हिंसा का शिकार

तरुण के चाचा रमेश ने बताया कि जब यह हमला हुआ, तरुण उस समय घर लौट रहा था और उसे पहले से चल रहे झगड़े के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जैसे ही वह गली में घुसा, 8-10 लोगों ने लाठियों और पत्थरों से उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान तरुण ने दम तोड़ दिया।

 

यह भी पढ़ें: ना लोकसभा गए ना राज्यसभा, अब फिर से जमीन तलाश रहे कुलदीप बिश्नोई?

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा

द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बाकी दोषियों की पहचान की जा सके।

 

फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।