हमारे समाज में आज भी घूंघट को लेकर बहस जारी है। इस बीच गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने फिर से इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। घूंघट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब परिवार परामर्श केंद्र से निकलकर कोर्ट तक पहुंच गया है। मामला इतना बढ़ गया है कि शादी के कुछ ही दिन बाद तलाक की बात होने लगी है। महिला ने शादी के दो दिन बाद ही ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला का कहना है कि उसके ससुराल वाले उस पर घऊघट करने का दबाव बना रहे हैं। 

 

बताया जा रहा है कि भोजपुर क्षेत्र की रहने वाली एक युवती की शादी करीब एक साल पहले राजस्थान के अलवर निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद युवती ससुराल पहुंची तो वहां उससे घूंघट करने की अपेक्षा की जाने लगी। विवाहिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से उस पर लगातार घूंघट करने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी और ससुराल पक्ष के बीच विवाद बढ़ता गया। 

 

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पति को शेरवानी पहनने को कहा

महिला का कहना था कि अगर उससे घूंघट करने की अपेक्षा की जा रही है, तो पति को भी शेरवानी पहनकर ही घूमना चाहिए। पत्नी की इसी शर्त के बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बन सकी। घूंघट आज भी राजस्थान जैसे राज्य में एक बड़ा मुद्दा है और महिला की इस शर्त के बाद पूरे राज्य में इसकी चर्चा हो रही है। 

शादी के दो दिन बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, शादी के कुछ दिन बाद ही महिला ने ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि शादी के बाद से ही उस पर पारंपरिक तौर-तरीकों को मानने का दबाव बनाया जा रहा था। उसका कहना है कि घूंघट करना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मामला है और इसे जबरन लागू नहीं किया जा सकता।

 

मामला गाजियाबाद के परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। यहां काउंसलर्स ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। कई दौर की काउंसलिंग के बाद भी पति-पत्नी अपने-अपने रुख पर अड़े रहे। पत्नी घूंघट करने के दबाव को गलत बता रही थी, जबकि ससुराल पक्ष परंपरा का हवाला दे रहा था।

कोर्ट पहुंचा मामला

परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद परामर्श केंद्र से फाइल बंद कर दी गई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने अब तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है।

 

काउंसलर्स का कहना है कि इन दिनों शादीशुदा जोड़ों के बीच वैचारिक मतभेद, रहन-सहन और आधुनिक जीवनशैली को लेकर विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मामलों में विवाद कपड़ों, सोशल मीडिया, नौकरी, परिवार के साथ रहने और निजी स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर शुरू होता है।

 

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कई मामले आए सामने

इसी तरह के अन्य मामलों में भी पति-पत्नी के बीच कपड़ों और लाइफस्टाइल को लेकर विवाद सामने आए हैं। एक मामले में महिला ने शिकायत की थी कि उसे शादी के बाद वेस्टर्न कपड़े पहनने से रोका जा रहा है और लगातार साड़ी पहनने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं एक अन्य मामले में पति ने पत्नी पर दिनभर रील बनाने और मोबाइल पर व्यस्त रहने का आरोप लगाया।