देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) बेंगलुरु से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मणिपुर की रहने वाली 23 साल की एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसे IIM बेंगलुरु कैंपस में रहने वाले एक प्रोफेसर के घर में उन्हें कई सालों तक प्रताड़ित किया गया। युवती वहां बच्चों की देखभाल यानी नैनी का काम करती थी।
पीड़िता का आरोप है कि प्रोफेसर की पत्नी उसे कमरे में बंद रखती थी और ठीक से खाना नहीं देती थी। इसके अलावा पीड़िता के प्रोफेसर की पत्नी पर कई बार मारपीट करने का आरोप भी लगाया है। युवती ने बताया कि जब वह बीमार पड़ जाती थी तब भी उसके साथ बुरा व्यवहार किया जाता था।
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कैद करके रखने का आरोप
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक युवती साल 2019 से उस परिवार के साथ रह रही थी। उसने आरोप लगाया कि उसे बाहर जाने की आजादी नहीं थी और लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। कई बार उसकी सैलरी भी काट ली जाती थी और उसके साथ लगातार खराब व्यवहार किया जाता था। पीड़िता ने शिकात में बताया है कि उसके साथ दुर्व्यवहार 2021 से शुरू हुआ। उसके प्रोफेसर की पत्नी पर आरोप लगाया कि वह इस बात पर भी नजर रखती थी कि पीड़िता कब और किसके साथ बातचीत करती थी और एक समय पर तो उसका फोन भी छिन लिया था।
पीड़िता ने बताया कि उसे कई घटनाएं तो ठीक से याद भी नहीं हैं। पीड़िता ने शिकायत में कहा, 'जब मैं बीमार होती, तो वह मुझे मारती थी। मुझे कर बार प्रताड़ित किया गया है। 15 अप्रैल को भी मेरे साथ मारपीट की गई जिसके बाद मुझे घर के अंदर कैद कर दिया गया था।'
खाना भी नहीं देने का आरोप
इसके अलावा पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 4 मई की सुबह से उसे खाना भी नहीं दिया गया, जिसके बाद उसे पड़ोसियों से मदद लेनी पड़ी। पीड़िता ने कहा, 'पड़ोसियों ने खाना और केले देकर मेरी मदद की। इसके अलावा उन्होंने मुझे एक फोन भी दिया जिसके बाद मैने अपने रिश्तेदारों और बेंगलुरु की कुकी स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन को संपर्क किया।'
SC/ST एक्ट में केस दर्ज करने की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद समाज के एक बड़े हिस्से में गुस्सा है। मामला सामने आते पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने मामले में गंभीर धाराएं नहीं लगाईं। उन्होंने SC/ST एक्ट और महिलाओं से जुड़े अन्य गंभीर कानून जोड़ने की मांग की है।
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। कई लोग इस मामले को बेहद शर्मनाक बता रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रेडिट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
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IIM ने क्या कहा?
इस मामले के सामने आने के बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बेंगलुरु की ओर से एक बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि महिला को संस्थान की तरफ से जरूरी सहायता दी गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि महिला संस्थान की कर्मचारी नहीं थी। इसके साथ ही IIM बेंगलुरु ने कहा है कि वह इस मामले में कानून का साथ देंगे और जो भी सही होगा वह करेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
