उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के इंदिरापुरम की एक ऊंची इमारत से कूदकर जान देने वाली तीन बहनों के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। लड़कियों के पिता चेतन गुर्जर ने उन तमाम अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके ऊपर चढ़े कर्ज की वजह से बेटियों ने यह खौफनाक कदम उठाया। चेतन ने सीधे तौर पर 'कोरियन कल्चर' के प्रति बेटियों के बढ़ते लत को इस त्रासदी की मुख्य वजह बताया है।

 

पिता ने बताया कि पिछले कई महीनों से घर का माहौल तनावपूर्ण था। बेटियां इस कदर जिद्दी हो गई थीं कि वे सिर्फ दक्षिण कोरिया जाने और वहीं पढ़ने की रट लगाए बैठी थीं। आलम यह था कि स्कूल के शिक्षकों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे और सलाह दी थी कि पढ़ाई से पहले बच्चों की काउंसलिंग जरूरी है, क्योंकि उनका दिमाग पूरी तरह से बदल चुका है।

 

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पिता ने क्या बताया? 

चेतन गुर्जर के मुताबिक, उनकी तीनों बेटियां कोरियन फिल्मों, म्यूजिक और वहां की लाइफस्टाइल की दीवानी थीं। वे एक ऐसी वर्चुअल दुनिया में जी रही थीं, जहां से वे बाहर नहीं आना चाहती थीं। अगर उनसे मोबाइल लिया जाता, तो वे खाना-पीना तक छोड़ देती थीं। मौत वाली रात भी वे देर रात 12 बजे तक फोन पर वही कंटेंट देख रही थीं, जो उनके दिमाग पर हावी हो चुका था।

 

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सरकार से की 'बैन' की मांग

अपनी तीनों बेटियों को खोने के बाद पिता ने अब सरकार से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, 'आज मेरे तीन बच्चे चले गए, कल किसी और के न जाएं। यह कोरियन कल्चर बच्चों के दिमाग को दीमक की तरह खत्म कर रहा है।' उन्होंने मांग की है कि इस तरह के कंटेंट पर तुरंत पाबंदी लगनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दिन न देखना पड़े।