उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक रोचक मामला सामने आया है। लगभग 18 साल पहले ड्रग्स तस्करी के आरोप में पकड़े गए एक शख्स को अब निचली अदालत ने दोषी पाया है और 10 साल की सजा सुनाई है। हैरानी की बात है कि निचली अदालत को ही इस केस में फैसला सुनाने में 10 साल लग गए। अगर यह मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी जाता है तो दोषी को सजा होने में और समय लग सकता है। इस शख्स के पास 300 ग्राम चरस पाई गई थी और बाद में पता चला था कि उसके खिलाफ छिनैती और चोरी के भी कई केस चल रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, 2 अप्रैल 2008 को हुई इस घटना के 18 साल बाद इस मामले में फैसला आया है। झांसी की अदालत ने इस शख्स को 10 साल की सजा सुनाने के साथ-साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला झांसी के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज शरद चौधरी ने बुधवार को सुनाया। उनकी कोर्ट ने आरोपी संजय सिंह उर्फ संजू को नेशनल ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटैंस (NDPS) ऐक्ट के तहत दोषी पाया है और सजा सुनाई है।
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क्या है मामला?
सरकारी वकील दीपक तिवारी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि 2 अप्रैल 2008 को महावीरन इलाके में पुलिस की चेकिंग चल रही थी। उस वक्त प्रेमनगर थाने के इंचार्ज बलबीर सिंह गौड़ खुद मौके पर तैनात थे और आने-जाने वाले लोगों और गाड़ियों की तलाशी ले रहे थे। उसी वक्त वहां कानपुर के कल्यानपुर इलाके का रहने वाला संजय सिंह पहुंचा।
पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 300 ग्राम चरस मिली। उसके पास से चरस बरामद होने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और जेल भेज दिया गया था। बाद में जांच हुई तो पता चला कि संजय सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानो में चेन स्नैचिंग और लूट जैसे कई मामले चल रहे थे।
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संजय सिंह के खिलाफ NDPS ऐक्ट का मुकदमा चल रहा था और अब जाकर इस पर फैसला आया है। बता दें कि NDPS ऐक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकमत 30 साल तक की सदा हो सकती है जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कुछ गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा सकती है।
