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'2 घंटे से धूप में लाश पड़ी है', केदारनाथ यात्रा के पहले दिन श्रद्धालु की मौत

केदारनाथ धाम की यात्रा के पहले ही दिन गुजरात से आए एक श्रद्धालु की हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। परिवार वालों ने प्रशासन पर समय से मेडिकल हेल्प ना पहुंचाने और बाद में शव को ले जाने की व्यवस्था ना करने का आरोप लगाया।

Devotee Died IN kedarnath

केदारनाथ में श्रद्धालु की मौत, Photo Credit: Social Media

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केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही देशभर से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सरकार ने इस यात्रा के लिए तमाम इंतजाम और व्यवस्थाएं करने का दावा किया है लेकिन इन दावों की पोल यात्रा के पहले ही दिन खुल गई। एक युवक अपने पिता के साथ गुजरात से इस यात्रा के लिए आया था। उसके पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। हैरानी की बात है कि युवक के बार-बार आग्रह करने के बाद भी पीड़ित को मेडिकल की सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से लापरवाही के बाद वह खुद अपने पिता को पास में अस्पताल में ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। अब उनके पिता के शव को गुजरात तक पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन नहीं कर पा रहा था। 

 

केदारनाथ यात्रा के पहले ही दिन गुजरात के बड़ौदा से एक परिवार इस यात्रा में पहुंचा था। इस दौरान इसी परिवार के एक सदस्य दिलीप भाई मनु माली को चक्कर आया और गिर पड़े। उनके बेटे ने मदद की गुहार लगाई लेकिन प्रशासन उसकी मदद के लिए नहीं पहुंचा। परिजनों ने पहले तो मेडिकल सहायता के लिए फोन किया लेकिन नहीं मिली। इसके बाद उन्हें शव निकालने के लिए भी जरूरी सुविधा नहीं दिए जाने का आरोप प्रशासन पर लग रहा है। 

 

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परिजनों ने लगाए आरोप

इस मामले में मृतक के बेटे हेमंत माली का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगा रहा है। हेमंत ने एक वीडियो में बताया, 'अचानक मेरे पिता की तबीयत बिगड़ी और वह जमीन पर गिर पड़े। हमने तुरंत 100 नंबर पर कॉल किया। हमें कहा गया कि 5-10 मिनट में मदद पहुंच जाएगी लेकिन डेढ़ घंटे तक कोई नहीं आया। ऐसे में 2 घंटे तक डेड बॉडी खुले और धूप में पड़ी रही। हालात से मजबूर होकर मैंने अपने पिता को खुद पिठू पर लादकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।' 

धूप में पड़ा रहा शव

हेमंत ने बताया कि उनके पिता की मौत के बाद उनके शव को गुजरात ले जाने के लिए प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। उन्होंने वीडियो में दिखाया कि उनके पिता का शव करीब दो घंटे से धूप में पड़ा हुआ है। परिजन हेलीकॉप्टर से शव को नीचे भेजने की मांग कर रहे हैं लेकिन इसके लिए कोई व्यवस्था प्रशासन की ओर से नहीं की गई। युवक अपने पिता का शव लेकर हेलीपैड पर घंटों खड़ा रहा लेकिन प्रशासन की और से डीजीसीए से एनओसी ना मिलने की बात की जा रही थी। युवक ने बताया कि उन्होंने सीएम से लेकर डीएम तक सभी से बात की है। 

 

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क्या बोली पुलिस?

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद प्रशासन पर सवाल उठने लगे। रुद्रप्रयाग पुलिस के अधिकारियों ने मामले में सफाई भी जारी की है। पुलिस के अनुसार, श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली की स्वास्थ्य खराब होने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ में मौत हो गई। ऐसे में मृतक को हेली के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा जाना था लेकिन आज केदारनाथ के लिए हेली सेवाओं की सुरक्षा के मद्देनजर डीजीसीए की ओर से निरीक्षण किया गया और इसी निरीक्षण के कारण देरी हुई।

 

 उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान का भी इस मामले में बयान सामने आया है। उनका कहना है कि शुरुआत में कंट्रोल रूम को इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया.'जैसे ही दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली, 10-15 मिनट के भीतर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर शव को नीचे पहुंचा दिया गया।'


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