मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक ट्रेन के टॉयलेट में एक महिला की लाश मिली। मृतक महिला की पहचान उषा चौहान के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 45 से 50 साल के बीच है। उनके पति जज हैं और दोनों अलग-अलग कोच में सफर कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऊषा चौहान अपने पति राजकुमार चौहान के साथ 4 मार्च को काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। उन्होंने अलग-अलग कोच में सीटें रिजर्व करवाई थीं। वे राजस्थान के सोयत स्टेशन से निम्बाहेड़ा जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे।
यह दुखद घटना तब हुई जब ट्रेन निम्बाहेड़ा स्टेशन पर पहुंची। जज राजकुमार चौहान ट्रेन से उतरे और प्लेटफॉर्म पर अपनी पत्नी का इंतजार करने लगे लेकिन वह कोच से बाहर नहीं आईं। इसके बाद की तलाशी के लिए ट्रेन को जावरा स्टेशन पर रोका गया, बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया और अंदर उषा चौहान की लाश मिली।
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आखिरी बातचीत फोन पर हुई थी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि निंबाहेड़ा स्टेशन आने से ठीक पहले उषा चौहान ने अपने पति को फोन किया था। उन्होंने बताया था कि वह वॉशरूम जा रही हैं और स्टेशन आने पर नीचे उतर जाएंगी। जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी तो जज साहब उतर गए लेकिन काफी देर तक पत्नी के नजर न आने पर उन्होंने तलाश शुरू की। CCTV फुटेज में भी उनके उतरने के कोई सबूत नहीं मिले, जिसके बाद GRP को मामले की सूचना दी गई।
पुलिस को कैसे मिली ऊषा चौहान की लाश?
GRP ने तुरंत उषा चौहान का मोबाइल ट्रेस किया, जिसकी लोकेशन उसी ट्रेन के भीतर चलती हुई दिखाई दे रही थी। इसके बाद मंदसौर स्टेशन पर भी प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर में, रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर पूरी तलाशी ली गई। जब संबंधित कोच के टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो पुलिस ने उसे तोड़ दिया। अंदर उषा चौहान अचेत अवस्था में मिलीं, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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कैसे हुई ऊषा चौहान की मौत?
रतलाम GRP स्टेशन इंचार्ज मोतीराम चौधरी के मुताबिक, शुरुआती मेडिकल जांच में मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया गया। इसी वजह से उन्हें मदद बुलाने या बाथरूम के अंदर संभलने का मौका नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी जावरा पहुंच गए। डॉक्टरों की शुरुआती राय के बाद परिवार ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को अपने साथ ले गए। फिलहाल GRP ने मामले को आकस्मिक मृत्यु मानते हुए आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली है।
