रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पोलीग्राफ टेस्ट करवाने से मना कर दिया है। 18 जून को केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान लोनावला के पास लोहागढ़ किले से गिरने से मौत हो गई थी। पहले केतन की मौत को सामान्य माना गया, लेकिन बाद में सिया पर संदेह गहराया। पुलिस की पूछताछ में सिया ने हत्या करने की बात कबूली तो राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनीं।
अब पुलिस ने रिमांड खत्म होने के बाद सिया और चेतन चौधरी को अदालत में पेश किया। जहां से कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की थी। हालांकि बचाव पक्ष के विरोध के बाद अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना टेस्ट नहीं किया जा सकता है।
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पुलिस को रिमांड भी नहीं मिला
उधर, पुलिस ने अदालत से तीन दिन की और रिमांड मांगी। इसमें कहा गया कि सिया और चेतन चौधरी के मोबाइल से जो डेटा मिला है, उसमें सांकेतिक संदेश और भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन संदेश और बातचीत को समझने की खातिर हिरासत जरूरी है। मगर बचाव पक्ष की दलील के बाद अदालत ने पुलिस की यह मांग खारिज कर दी। दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
चेतन के दोस्त से भी पूछताछ
अभी तक पुलिस हत्या के पीछे का असली मकसद तलाश रही है। दावा किया गया कि सिया केतन के साथ शादी नहीं करना चाहती थी। यह भी कहा गया कि केतन विग पहनता था। सिया को यह बात भी पसंद नहीं आई। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक बीड़ के रहने वाले एक युवक को भी हत्याकांड की जानकारी थी। वह सिया के कथित प्रेमी चेतन चौधरी का सहपाठी और पुणे में एक निजी कंपनी में काम करता है।
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दोनों ने उससे 18 जून को साथ चलने को कहा था। हालांकि युवक ने जाने से इनकार कर दिया और दोनों को ऐसा कदम न उठाने की सलाह भी दी थी। हालांकि पुलिस अब तीनों लोगों के कॉल रिकॉर्ड और चैट समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। युवक से पूछताछ भी की जा रही है।


