मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पुलिस ने एक ऐसे अनोखे चोर को गिरफ्तार किया है जिसने पुलिस विभाग की नाक में दम कर रखा था। अलीराजपुर का रहने वाला दीपेश नाम का यह आरोपी आम लोगों को छोड़कर सिर्फ पुलिसकर्मियों के घरों को ही अपना निशाना बनाता था। दीपेश पर पहले से ही मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी के करीब 16 मामले दर्ज हैं लेकिन इसकी हाल ही की करतूत ने खुद पुलिसवालों को भी हैरान कर दिया है।
यह पूरा मामला 20 जनवरी की रात का है। दीपेश नाम के एक चोर ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए खंडवा की पुलिस कॉलोनी में ही चोरी कर ली। उसने वहां रहने वाले दो पुलिसकर्मियों के बंद घरों के ताले तोड़े और लाखों के गहने और पैसे लेकर भाग गया। जब पुलिस ने जांच शुरू की और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया तो उन्हें इस चोर के बारे में पता चला। पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए उसे पकड़ लिया और उसके पास से चोरी के गहने और 30 हजार रुपये कैश भी वापस मिल गए हैं।
चोर को कैसे पकड़ा गया?
सीसीटीवी फुटेज के जरिए चोर की पहचान की गई और उसके बाद ही पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिले में उसकी तलाश शुरू कर दी। चोर बहुत चालाक था, वह पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपनी छिपने की जगह बदल रहा था। कई हफ्तों तक पीछे लगे रहने और मोबाइल लोकेशन की मदद से आखिरकार पुलिस को पता चला कि वह बुरहानपुर की तरफ जा रहा है, जिसके बाद वहां उसे पकड़ लिया गया।
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जब पुलिस ने बुरहानपुर के पास घेराबंदी की, तो आरोपी दीपेश ने खुद को पुलिस से घिरा हुआ पाया। बचने का कोई रास्ता न देख उसने एक मकान की छत से नीचे छलांग लगा दी। इस कोशिश में वह बुरी तरह घायल हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाकर उसका इलाज करवाया। ठीक होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सिर्फ पुलिसवालों के ही घर में चोरी क्यों?
कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि आरोपी की सबसे खास बात यह थी कि वह सिर्फ पुलिसकर्मियों के घरों में ही चोरी करता था। पूछताछ में सामने आया कि करीब 15 साल पहले अलीराजपुर में एक पुलिसकर्मी ने उसकी पिटाई कर दी थी। तब से वह पुलिसवालों से बदला लेने की भावना में सिर्फ उन्हीं के घरों को निशाना बनाता था।
चोरी करने का अनोखा तरीका
दीपेश चोरी करने का बहुत पक्का खिलाड़ी था। वह जिस भी शहर में जाता, वहां पुलिस कॉलोनी के अंदर सब्जी बेचने वाला या फेरीवाला बनकर घुस जाता था। वह पूरे दिन गलियों में घूमकर यह देखता था कि कौन से घर में ताला लगा है और कौन ड्यूटी पर गया है। जब उसे पक्का पता चल जाता कि घर खाली है, तो वह आधी रात को चुपचाप वहां घुसकर हाथ साफ कर देता था।
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15 साल में 9 शहर
पुलिस की छानबीन में यह बड़ी बात सामने आई है कि दीपेश ने एमपी के कई अलग-अलग जिलों, जैसे इंदौर, धार, रतलाम और नीमच में केवल पुलिसकर्मियों के घरों में ही चोरियां की थीं। खंडवा वाली घटना में वह अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ रमेश और भूरलिया नाम के दो साथी भी शामिल थे। फिलहाल दीपेश तो पकड़ा जा चुका है लेकिन पुलिस अब उसके उन दो साथियों को तलाश रही है जो अब भी फरार हैं।
खंडवा के पुलिस अधिकारी अभिनव वारंगे ने कहा कि इस शातिर चोर को पकड़ना पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। अब इस चोर से जानकारी निकलवाई जा रही है ताकि यह पता चले कि इसने और कहां-कहां चोरियां की हैं। पुलिस की टीमें इसके फरार साथियों की तलाश में जुटी हैं और उम्मीद है कि वे भी बहुत जल्द पकड़े जाएंगे।
