महाराष्ट्र के नासिक की अदालत ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े BPO में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी निदा खान को जमानत दे दी है। यह फैसला सोमवार को सुनवाई के दौरान लिया गया, जिसके बाद उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है। यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है और इसमें कई कर्मचारियों के नाम सामने आने के बाद जांच तेज की गई थी।

 

यह मामला 2026 की शुरुआत में सामने आया था। उस समय नासिक में TCS से जुड़े एक BPO यूनिट की कुछ महिला कर्मचारियों ने अपने साथ काम करने वाले सहकर्मियों और सुपरवाइजरों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उनके साथ यौन उत्पीड़न और शोषण किया गया और कुछ मामलों में धर्म बदलने का दबाव भी बनाया गया। इन शिकायतों के बाद नासिक पुलिस ने मार्च-अप्रैल 2026 के बीच कई FIR दर्ज कीं और पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) भी बनाई गई।

 

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गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में थी निदा खान

निदा खान इस मामले में नामजद आरोपियों में शामिल हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह धर्मांतरण से जुड़े पहलू में शामिल थीं। गिरफ्तारी से पहले वह कई हफ्तों तक फरार रही थीं, जिसके बाद मई में उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब कोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दी है।

 

पुलिस ने इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई है और डिजिटल सबूतों, मोबाइल डेटा, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं को बारीकी से देखा जा रहा है।

 

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SIT की जांच जारी

इस मामले में TCS ने जिन कर्मचारियों के नाम सामने आए थे उन्हें सस्पेंड कर दिया था और अपनी आंतरिक जांच भी शुरू कर दी थी। कंपनी का कहना है कि गलत व्यवहार के मामलों में उसकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और वह जांच एजेंसियों को हर तरह से सहयोग कर रही है। वहीं, इस मामले की जांच अभी भी SIT कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद उसकी अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी।