महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमला करने वाले एक शख्स के बारे में ऐंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने खौफनाक खुलासा किया है। ATS के मुताबिक, गार्ड्स पर हमला करने वाला यह शख्स इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) में जाना चाहता था और इस तरह का हमला उसका पहला कदम था। बताया गया है कि इस शख्स ने पहले तो दोनों गार्ड्स से कहीं का रास्ता पूछा और फिर लौटकर आया तो उनसे पूछा कि वे कलमा पढ़ सकते हैं कि नहीं। जब गार्ड्स ने इनकार किया तो उसने चाकू से हमला कर दिया।

 

मुंबई पुलिस ने यह भी बताया है कि आरोपी जबेर जुबैर अंसारी कुछ साल पहले अमेरिका से लौटा है और वह साइंस ग्रेजुएट है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह दूसरे देशों में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था या नहीं? हमले में घायल हुए गार्ड्स की पहचान राजकुमार मिश्रा और सुब्रत सेन के रूप में हुई है।

क्या-क्या हुआ?

यह घटना 27 अप्रैल को हुई। मीरा रोड पर स्थित नया नगर के अस्मिता ग्रांड मैनसन के पास तैनात दो सिक्योरिटी गार्ड अपनी ड्यूटी पर थे। सुबह 4 बजे 31 वर्षीय जबर जुबेर अंसारी वहां आया और उनसे कहीं का रास्ता पूछा। वह थोड़ा आगे गया और फिर लौटकर आया। फिर उसने दोनों से उनका धर्म पूछा और कलमा पढ़ने को कहा। दोनों ने इसका विरोध किया तो बहस शुरू हो गई। इतने में जुबैर ने एक चाकू निकाला और दोनों पर हमला कर दिया। फिलहाल, दोनों सुरक्षित हैं लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

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शुरुआत में नयानगर थाने में केस दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, एक कंस्ट्रक्शन साइट पर तैनात गार्ड राजकुमार मिश्रा को गंभीर चोट आई है और दूसरे गार्ड सुब्रत सेन को मामूली चोट आई है। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने  CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी जुबैर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। वह पास में ही एक सोसायटी में रहता है।

 

धर्म पूछने और कलमा पढ़ाने की बात सामने आई तो ठाणे ATS ने भी इस मामले में जांच शुरू की। ATS ने आरोपी और नयानगर के पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। अब इस मामले की जांच मुंबई ATS को सौंप दी गई है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि जुबैर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (1) यानी हत्या के प्रयास और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

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ATS को क्या-क्या मिला?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, घटना के बाद जब ATS ने इस मामले की जांच शुरू की और जुबैर अंसारी के घर पर छानबीन हुई तो उसके घर से हाथ से लिखा एक नोट बरामद हुआ जिसके मुताबिक वह ISIS में शामिल होना चाहता था। ATS के मुताबिक, जुबैर ने ISIS में शामिल होने के लिए इस हमले को अपना 'पहला कदम' लिखा था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह साल 2019 में अमेरिका से लौटा था और फिलहाल बेरोजगार चल रहा था।

 

वह ऑनलाइन ही कुछ बच्चों को कमेस्ट्री की कोचिंग पढ़ाता था। माना जा रहा है कि वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथियों के संपर्क में आया होगा। अब उसके मोबाइल फोन और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह सीमा पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था या नहीं।