मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के एक शिक्षक ने गैस संकट पर पीएम मोदी की एक मिमिक्री वीडियो बनाई और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। उनका वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी के एक विधायक ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग से कर दी और उन्हें यह वीडियो बनाना काफी मंहगा पड़ा। उन्हें प्रशासन ने बिना किसी नोटिसे के सस्पेंड कर दिया। अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्हें राहत दी है और उनके सस्पेंशन ऑर्डर पर रोक लगा दी है।
इस मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सस्पेंड करने के ऑर्डर को रद्द करते हुए कहा कि किसी जनप्रतिनिधि की शिकायत पर बिना जांच-पड़ताल के, केवल दबाव में आकर किसी कर्माचारी को सस्पेंड करना पूरी तरह गलत है। जस्टिस आशीष श्रोती ने इस कार्रवाई को सस्पेंशन सिंड्रोम करार देते हुए अधिकारियों के काम करने के तरीके पर कड़े सवाल उठाए। कोर्ट ने सस्पेंड करने के ऑर्डर पर रोक लगाते हुए मामले को दोबारा विचार के लिए संबंधित अधिकारी के पास भेज दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के प्राथमिक शिक्षक साकेत कुमार पुरोहित का है। उन्होंने 13 मार्च को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उन्होंने गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री की मिमिक्री की थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई।
मिमिक्री का वीडियो सामने आने के बाद पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने जिला शिक्षा अधिकारी से इसकी शिकायत की थी। शिकायत में शिक्षक पर जनप्रतिनिधि की मिमिक्री करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह सरकारी कर्मचारी के सेवा नियमों का उल्लंघन है। इस शिकायत के बाद जिला शिक्षा विभाग ने इसकी जांच की और साकेत पुरोहित को सरेंडर कर दिया गया।
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सस्पेंड होने के बाद क्या हुआ?
विभाग के अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए सस्पेंशन की पुष्टि की। इसके बाद साकेत पुरोहित को बदरवास के ब्लॉक शिक्षा दफ्तर में अटैच किया गया है। हालांकि, साकेत ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सस्पेंड करने का आदेश देने से पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाना चाहिए था। उनकी बात सुने बिना कार्रवाई करना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा, 'मुझे रातोरात निलंबित कर दिया गया. मुझे कारण बताओ नोटिस तक नहीं भेजा गया. शिक्षकों को भी बोलने का अधिकार है. पिछले कई सालों से मैंने देखा है कि व्यंग्य और हास्य पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।'
वीडियो में क्या कहा था?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि साकेत पुरोहित पीएम मोदी की मिमीक्री कर रहे हैं। वह पीएम मोदी की आवाज में कह रहे हैं, 'मेरे प्यारे भाइयों-बहनों गैस के दाम कम हुए? नहीं हुए? भाइयों-बहनों, गैस की रोटी खाने से पेट में भी गैस बनती है। अगर पेट में गैस बनेगी तो आप बीमार पड़ जाएंगे, और अगर आप बीमार पड़ेंगे तो देश भी बीमार पड़ जाएगा' उन्होंने आगे कहा कि गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी भी चूल्हे की रोटी खाएगा और अमीर आदमी भी।
