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50 प्रतिशत वोटर, सिर्फ 8 प्रतिशत उम्मीदवार, असम चुनाव में कहां खड़ी हैं महिलाएं?

असम चुनाव में कुल 722 उम्मीदवारों में से सिर्फ 8 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं, जबकि महिला मतदाता लगभग 50 प्रतिशत हैं। समझिए असम चुनाव में महिलाओं की क्या स्थिति है।

Women Voters

महिला वोटर, Photo Credit- Social Media

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असम में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अब साफ हो गया है कि किस पार्टी से कौन-कौन से उम्मीदवार एक दूसरे का सामना करेंगे। गुरुवार को राज्य में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके बाद 126 सीटों के लिए कुल 722 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन 67 लोगों ने अपना नाम वापस लिया। 722 उम्मीदवारों में से सिर्फ 59 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं। महिला मतदाताओं की संख्या असम में लगभग 50 प्रतिशत है लेकिन चुनावी मैदान में इनकी हिस्सेदारी मात्र 8 फीसदी है। 

किस पार्टी से कितनी महिला उम्मीदवार?

भारतीय जनता पार्टी- 90
असम गण परिषद - 26 
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट- 11
कांग्रेस- 99 
रायजोर दल- 13
AIUDF- 30 

 

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2021 में क्या स्थिति थी?

2021 में असम चुनाव में इस बार की तुलना में ज्यादा महिला उम्मीदवार मैदान में थीं लेकिन कुल उम्मीदवारों का वह सिर्फ 8 प्रतिशत ही थीं। 2021 में कुल 76 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था और इस में से कुल 6 महिलाएं विधानसभा पहुंची थी। जो कुल 126 का मात्र 5 प्रतिशत था। इसमें बीजेपी की तीन विधायक, कांग्रेस की 2 विधायक के साथ-साथ एक विधायक असम गण परिषद की थी। 

लड़ने में पीछे जीताने में आगे

उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी भले ही 8 प्रतिशत है लेकिन महिला वोटर्स की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है। पिछले तीन चुनावों में महिलाएं जमकर वोट कर रही हैं और इस बार भी सभी राजनीतिक दलों की नजर महिला मतदाताओं पर है। 

 

2011 में महिलाएं वोटिंग में पुरुषों से पीछे थे। 126 में से 103 सीटों पर पुरुष मतदाताओं ने महिालओं से ज्यादा मतदान किया लेकिन वोटिंग पैटर्न बदला और 2021 के चुनाव में महिलाओं ने जमकर वोट किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2021 के चुनाव में 10 में से लगभग 6 सीटों पर महिलाएं वोटिंग में पुरुषों से आगे रहीं। यानी कुल 60 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं निर्णायक भूमिका में रहीं। 

2011 से 2021 तक बदली स्थिति 

2011 में भले ही महिलाएं पुरुषों के मुकाबले वोटिंग में पीछे रही हों लेकिन 2021 में महिलाओं ने जमकर वोट किया। 2011 में जहां महिलाएं 103 सीटों पर पीछे रही वहीं, 2021 में महिलाओं का 72 सीटों पर वर्चस्व रहा। इन सीटों पर 0.45 प्रतिशत के साथ महिलाएं पुरुषों से आगे रही। 2016 में भी महिलाएं पुरुषों से आगे निकल गई और 73 सीटों पर पुरुषों से ज्यादा मतदान किया, जिसका अंतर 0.35 रहा। 

 

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चुनाव में अहम महिलाएं?

 1952 से 2016 के बीच, असम विधानसभा में महिला उम्मीदवारों और विधायकों की संख्या में समय-समय पर बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अभी भी यह 10 प्रतिशत से नीचे है। हालांकि, चुनाव में महिलाएं काफी अहम हैं। इस बात को राजनीतिक दल अच्छे से जानते हैं। असम की बीजेपी सरकार ने चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की करीब 40 लाख महिलाओं को 9 हजार रुपये दिए हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि महिला मतदाता उनका साथ देंगी। इसके अलावा भी कई योजनाएं महिलाओं के लिए चलाई गई हैं।

 

विपक्ष का मानना है कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का वोट पाना है, लेकिन ये योजनाएं विपक्षी दलों के लिए एक चुनौती भी हैं। महिला मतदाता चुनाव जीताने में और हराने में अहम भूमिका निभा रही हैं ऐसे में महिलाओं को आकर्षित करने के लिए सभी पार्टियां अभियान चला रही हैं। 


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