उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर हालिया रिपोर्ट ने एक दिलचस्प और चिंताजनक तस्वीर पेश की है। साल 2026 के पहले तीन महीनों में नोएडा ने सड़क हादसों और मौतों को कम करने में सफलता हासिल की है। जबकि गाजियाबाद में इसके उलट हालात देखने को मिले हैं। यूपी परिवहन विभाग की जिला-वार रिपोर्ट के अनुसार दोनों शहरों का प्रदर्शन एक-दूसरे के विपरीत रहा है।
जनवरी से मार्च 2026 के बीच नोएडा में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 13.2% घटकर 121 से 105 हो गई। वहीं, कुल हादसों में 23% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो 300 से घटकर 231 रह गई। घायलों की संख्या में भी 17.4% की कमी आई है, जो सड़क सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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दूसरी ओर, गाजियाबाद में सड़क हादसों की स्थिति चिंताजनक बनी रही। यहां मौतों की संख्या 16.7% बढ़कर 90 से 105 हो गई। हादसों की कुल संख्या भी 248 से बढ़कर 252 पहुंच गई। हालांकि, घायलों की संख्या में मामूली 4.3% की कमी दर्ज की गई है लेकिन बढ़ती मौतें प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं।
GB नगर के ARTO (प्रवर्तन) Udit Narayan के अनुसार, नोएडा में लगातार चलाए गए जागरूकता अभियानों और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन ने यह सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य सड़क हादसों और मौतों को 50% तक कम करना है और इसके लिए अभियान और तेज किए जा रहे हैं।
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परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिलों को नई रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें बेहतर सड़क डिजाइन, हादसों पर तुरंत प्रतिक्रिया, गोल्डन ऑवर में बेहतर चिकित्सा सुविधा और सख्त कानून लागू करने जैसे कदम शामिल हैं। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मयंक ज्योति ने कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है और तय लक्ष्य हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
