हरियाणा के पानीपत में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूरों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को मजूदर और पुलिस आमने सामने हो गए थे इसके बाद माहौल तानवपूर्ण बन गया था। इसके बाद मजदूरों ने आज यानी बुधवार सुबह रोड जाम किया और पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और भीड़ भड़क गई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इस दौरान एक व्यक्ति का हाथ भी टूट गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मजदूरों की ओर से भी पुलिस पर पथराव किया गया। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। दोनों तरफ भारी भीड़ और सुरक्षा बल तैनात हैं। प्रशासन लगातार मजदूरों से प्रदर्शन खत्म कर काम पर लौटने के लिए कह रहा है।
यह भी पढ़ें: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ की गड़बड़ी के आरोप में अरेस्ट हुए 4 लोग कौन हैं?
मजदूरों ने क्या आरोप लगाए?
मजदूरों का कहना है कि प्रशासन ने 8 घंटे की ड्यूटी समेत अन्य मांगे मान ली थी लेकिन अब मजूदर कह रहे हैं कि प्रशासन इससे मना कर रहा है। अब मजदूरों की मांग है कि उनकी मांगों को रिफाइनरी बोर्ड पर लिखवाया जाए। इसके साथ ही जो भी ठेकेदार इन मांगों का पालन ना करें उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- सोमवार 23 फरवरी को मजदूरों ने प्रदर्शन किया और सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया। माहौल शांत करने के लिए CISF ने 2 हवाई फायर भी किए थे।
- 24 फरवरी को मजदूरों के साथ डीसी, एसपी और रिफाइनरी के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। मीटिंग में मजदूरों की मांगे मान ली गई।
- बुधवार को काम पर जाने से पहले मजदूर इकट्ठा हुए और अधिकारियों से आश्वासन मांगा की वह बताएं कि उनकी मांगे मान ली गई हैं।
- पुलिस ने लोगों को समझाया लेकिन उन्होंने काम पर जाने से मना कर दिया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
यह भी पढ़ें: 'मोमो बेचने वाली' कहकर दी थी गाली, 3 दिन बाद गिरफ्तार हुईं रूबी जैन
मजदूरों की मुख्य मांगे
- 8 घंटे की शिफ्ट हो और मजदूरों से 12 घंटे काम ना करवाया जाए।
- ओवरटाइम का भुगतान किया जाए।
- साइट पर शौचालय की सुविधा दें।
- कैंटीन बनवाई जाए ताकि मजदूरों को दूर ना जाना पड़े।
- सैलरी में कटौती को लेकर शर्तें स्पष्ट की जाएं।
- मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
