असम विधानसभा में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लगातार कमजोर होती नजर आ रही है। पिछले 15 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि विधानसभा में महिलाओं की मौजूदगी धीरे-धीरे घटती गई है। जहां वर्ष 2011 में विधानसभा में 14 महिला विधायक चुनी गई थीं, वहीं 2026 तक यह संख्या घटकर केवल 7 रह गई। यानी डेढ़ दशक में महिला विधायकों की संख्या लगभग आधी हो गई है।

 

आंकड़ों के मुताबिक, जहां 2011 में असम विधानसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी दोहरे अंकों में थी, वहीं अब यह सिमटकर महज 5 से 6 प्रतिशत के बीच रह गई है। गौर करने वाली बात यह है कि चुनावी मैदान में उतरने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या और उनकी जीत के प्रतिशत दोनों में ही पिछले 15 वर्षों में नकारात्मक रुझान देखा गया है।

 

यह भी पढ़ें: मणिपुर में चर्च से जुड़े 3 लोगों की हत्या, घात लगाकर उग्रवादियों ने किया हमला

 

चुनाव वर्ष कुल विजेता महिला विजेता प्रतिशत पार्टी वार महिला विजेता
कुल महिला उम्मीदवार
2011 126 14 11% INC (11), BPF (2), AGP (1) 81
2016 120 7 6% AGP (1), BJP (2), BPF (2), INC (2) 89
2021 126 6 5% BJP (3), INC (2), AGP (1) 76
2026 126 7 6% BJP (4), AGP (1), BPF (1), INC (1) 60

2011 में सबसे ज्यादा महिला विधायक चुनी गईं

पिछले 15 सालों में साल 2011 असम की राजनीति में महिलाओं के लिए सबसे सफल वर्षों में से एक था। उस समय कुल 126 सीटों वाली विधानसभा में 14 महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी, जो कुल सदन का लगभग 11 प्रतिशत था। उस चुनाव में 81 महिलाओं ने अपनी किस्मत आजमाई थी। हालांकि, इसके बाद के वर्षों में यह ग्राफ गिरता ही गया। 2016 के चुनाव में कुल 120 सीटों में से केवल 7 महिलाएं (6%) ही सदन पहुंच सकीं, जबकि चुनाव लड़ने वाली महिलाओं की संख्या बढ़कर 89 हो गई थी। यानी उम्मीदवार बढ़ीं लेकिन जीत का अनुपात कम हुआ।

 

यह भी पढ़ें: नंदीग्राम या भवानीपुर, किसे छोड़ेंगे शुभेंदु अधिकारी? अब दे दिया जवाब

 

2021 और 2026 के चुनावों ने इस गिरावट को और पुख्ता कर दिया। 2021 में 126 सीटों पर हुए चुनाव में केवल 6 महिला विजेता (5%) रहीं, जबकि उम्मीदवारों की संख्या 76 थी। हालिया 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं दिखा है। इस बार 126 सीटों में से केवल 7 महिला प्रत्याशी (6%) ही विधानसभा की दहलीज लांघ पाईं। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 2026 में महिला उम्मीदवारों की कुल संख्या गिरकर महज 60 रह गई है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे कम है।

किस साल किस पार्टी की कितनी महिला विधायक बनीं?

2011 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा 11 महिला विधायक कांग्रेस से जीतकर आई थीं। इसके अलावा बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) की 2 और असम गण परिषद (AGP) की 1 महिला उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की थी।

 

2016 में BJP, BPF और कांग्रेस को 2-2 महिला विधायक मिलीं, जबकि AGP के खाते में 1 सीट गई।

 

यह भी पढ़ें: बिहार में मनमानी नहीं कर पाएंगे प्राइवेट स्कूल, CM सम्राट चौधरी का बड़ा एलान

 

2021 में BJP ने 3 महिला उम्मीदवारों को जिताकर सबसे ज्यादा महिला विधायक देने वाली पार्टी का दर्जा हासिल किया। वहीं कांग्रेस को 2 और AGP को 1 महिला विधायक मिली।

 

अब 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो BJP 4 महिला विधायकों के साथ सबसे आगे रही, जबकि AGP, BPF और कांग्रेस को 1-1 महिला विधायक मिली।