उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय अपने के बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। नई शिक्षा नीति जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार को कानपुर में  कहा कि 'ईटिंग शुगर नौ पापा' जैसी कविताएं बचपन में ही बच्चों को झूठ बोलना सिखा देती हैं। शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी बात रखने के दौरान हिंदी और अंग्रेजी कविताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की ये कविताएं बच्चों को संस्कार नहीं देतीं बल्कि उन्हें झूठ बोलना सिखाती हैं।

 

कानपुर के मर्चेंट चेंबर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे योगेंद्र उपाध्याय कानपुर के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री हैं। 12 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का मॉडल चेक देने के बाद योगेंद्र उपाध्याय ने उन्हें संबोधित भी किया और कहा कि वे शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कार देने वाली व्यवस्था बनाएं।

 

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क्या बोले योगेंद्र उपाध्याय?

मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस मौके पर कहा, 'जब शिक्षक गुरु की भूमिका में आता है तभी वह शिक्षा के साथ संस्कार दे पाता है। ईटिंग शुगर नौ पापा जैसी कविताएं बचपन से ही बच्चों के मन में झूठ बोलने का बीज बो देती हैं। ये अंग्रेजी कविताएं वैसे संस्कार नहीं देती हैं जिनकी आज की पीढ़ी को जरूरत है।' उन्होंने कई हिंदी कविताएं पढ़कर सुनाईं जिन्हें कई पीढ़ियां पढ़कर बड़ी हुई हैं। योगेंद्र उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदी की उन कविताओं में जीवन के गहरे मूल्य समाहित थे।

 

शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन शिक्षक पढ़ाई के अलावा संस्कार की बातें करने लगेंगे, वे गुरु हो जाएंगे। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया है।

 

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कौन हैं योगेंद्र उपाध्याय?

योगेंद्र उपाध्याय आगरा की आगरा साउथ विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं। वह इसी सीट से लगातार तीन बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं। 70 साल के योगेंद्र उपाध्याय  उत्तर प्रदेश सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी और साइंस एंड टेक्नॉलजी जैसे मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। 2022 में सरकार बनने के बाद से वह राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री हैं।