संजय सिंह, पटना। बिहार के औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर में एक ऐसे शातिर ठग का पर्दाफाश हुआ है, जिसने वर्दी के नाम पर लोगों का भरोसा जीता और उसी भरोसे को ठगी के हथियार में बदल दिया। खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों को डराने-धमकाने वाला यह आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया।

 

गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी राजेश शुक्ला के रूप में हुई है। उसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। फोन कॉल से शुरू हुआ ‘रुतबे का खेल’ धीरे-धीरे ठगी के जाल में बदल गया।

 

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अनजान कॉल से शुरू हुआ खेल

दाऊदनगर के उत्तर दरवाजा मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यवसायी राकेश कुमार इसका शिकार बने। 19 फरवरी को आए एक अनजान कॉल ने उनकी जिंदगी में हलचल मचा दी। कॉल करने वाले ने खुद को उत्तर प्रदेश कैडर का आईपीएस अधिकारी बताते हुए ऐसी प्रभावशाली बातचीत की कि सामने वाला सहज ही भरोसा कर बैठा। कुछ दिनों बाद मुलाकात हुई। आरोपी ने ‘आईपीएस’ होने का दावा मजबूत करने के लिए नकली आई कार्ड भी दिखाया। 

व्यवसायी से 47 हजार रुपये झटके

वर्दी और पहचान का यह झूठा तामझाम इतना प्रभावशाली था कि राकेश कुमार को उस पर शक तक नहीं हुआ। इसके बाद शुरू हुआ ‘जरूरत’ के नाम पर पैसे मांगने का सिलसिला। आरोपी ने अपने कथित पद का दबाव बनाते हुए मदद के नाम पर रकम मांगी। भरोसे में आए व्यवसायी ने 15 मार्च को दो किस्तों में कुल 47 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन ठगी का यह खेल यहीं नहीं रुका।

हंगामा मचने पर पुलिस पहुंची

2 अप्रैल को आरोपी अचानक राकेश कुमार की दुकान पर पहुंच गया। इस बार उसका अंदाज और भी आक्रामक था। उसने फिर से आईपीएस होने का रौब झाड़ते हुए 20 हजार रुपये की नई मांग रख दी। आरोपी ने गाली-गलौज, धमकी और डराने की कोशिश की। दुकान पर बढ़ते हंगामे ने आसपास के लोगों का ध्यान खींचा। भीड़ जुटी, माहौल गरमाया और किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। 

आरोपी के पास क्या-क्या मिला?

थाने में पूछताछ के दौरान ‘फर्जी आईपीएस’ का पूरा खेल खुल गया। राजेश शुक्ला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। तलाशी में उसके पास से जो सामान मिला, वह और भी चौंकाने वाला था। उसके पास सीआईए और एनआईए जैसी एजेंसियों के फर्जी पहचान पत्र, एक सियासी पार्टी का चुनावी कार्ड, मानवाधिकार संगठन का नियुक्ति पत्र, खाकी वर्दी और कई अन्य सामान बरामद हुआ है। 

 

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दाऊदनगर के एसडीपीओ अशोक दास ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि इस शातिर ठग ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।