अयोध्या के चर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) को आरोपी अविनाश शुक्ला के कमरे से 'रामराज्य कोष' लिखा एक संदूक बरामद हुआ है, जिस पर डिजिटल भुगतान के लिए QR कोड भी लगा मिला। इस बीच जांच की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
अब टीम 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।अब तक की जांच में करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी का दावा किया गया है। एसआईटी लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके ठिकानों पर छापेमारी कर आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच अभी कई और अहम खुलासे कर सकती है।
आरोपी के कमरे से मिला 'रामराज्य कोष' का संदूक
एसआईटी की छापेमारी के दौरान अविनाश शुक्ला के कमरे से बरामद संदूक ने जांच को नई दिशा दे दी है। संदूक पर 'रामराज्य कोष' लिखा है और उस पर QR कोड भी लगा मिला है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस संदूक का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था और इसमें जमा होने वाली रकम का हिसाब-किताब क्या था।
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15 जुलाई तक बढ़ाई गई जांच की समय-सीमा
मामले की संवेदनशीलता और जांच के दायरे को देखते हुए एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब जांच टीम 15 जुलाई तक सभी तथ्यों, बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
जेल में आरोपियों के बीच नोकझोंक की चर्चा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी आठ आरोपी फिलहाल जिला कारागार में बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में जेल के अंदर आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और नोकझोंक हुई थी। हालांकि जेल प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी आरोपियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और उन्हें एक-दूसरे से सीमित संपर्क में रखा गया है।
जेल प्रशासन के अनुसार आरोपियों से अब तक परिजनों की मुलाकात भी बेहद कम हुई है। नियम के तहत सप्ताह में तीन बार मुलाकात की सुविधा होने के बावजूद अधिकांश आरोपी केवल एक बार ही परिजनों से मिले हैं। उन्होंने फोन पर बातचीत की सुविधा का भी अब तक विशेष उपयोग नहीं किया है।
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जांच पर पूरे प्रदेश की नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया है। 'रामराज्य कोष' का संदूक, QR कोड, लाखों रुपये की बरामदगी और अब जांच की समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें 15 जुलाई को एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।


