उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब संगठन के मोर्चे पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम के गठन के बाद अब राष्ट्रीय संगठन में भी उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 3 और 4 जुलाई के प्रस्तावित लखनऊ दौरे से पहले पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
चर्चा है कि केंद्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर बीजेपी आगामी चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी की रणनीति केवल संगठन का विस्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की भी है।
केंद्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के नेताओं को जगह देकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करने के साथ-साथ चुनावी संदेश भी देना चाहती है। प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद अब सभी की नजर राष्ट्रीय टीम के गठन पर टिकी हुई है।
इन पांच नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में जिन नेताओं के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं, उनमें
स्मृति ईरानी
, विनोद सोनकर, अमरपाल मौर्य, डॉ. महेंद्र सिंह और अशोक कटारिया शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन नेताओं को जिम्मेदारी देकर बीजेपी महिला, दलित, पिछड़ा, किसान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर सकती है।
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स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी देकर अमेठी और कांग्रेस के खिलाफ मजबूत राजनीतिक संदेश देने की चर्चा है। वहीं विनोद सोनकर के जरिए अनुसूचित जाति वर्ग, अमरपाल मौर्य के माध्यम से मौर्य समाज, डॉ. महेंद्र सिंह के संगठनात्मक अनुभव और अशोक कटारिया के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर एवं किसान समाज को साधने की रणनीति पर पार्टी काम करती दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि 2027 की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
नितिन नवीन के दौरे पर टिकी सियासी निगाहें
3 और 4 जुलाई को प्रस्तावित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का लखनऊ दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन होने की संभावना है। पार्टी के अंदर यह चर्चा भी है कि दौरे के बाद केंद्रीय टीम को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। यही वजह है कि बीजेपी के साथ-साथ विपक्ष की भी निगाहें इस दौरे पर टिकी हुई हैं।
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आधिकारिक घोषणा का इंतजार
बीजेपी की ओर से केंद्रीय टीम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल जिन 5 नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उन्हें लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि नितिन नवीन के दौरे के बाद पार्टी संगठन में किसे नई जिम्मेदारी मिलती है। बीजेपी 2027 के चुनावी रण के लिए अपनी टीम को किस स्वरूप में मैदान में उतारती है।