बिहार के रोहतास जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 500 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे की खेप को कटहल के नीचे छिपाकर पिकअप वैन से बिहार लाने की कोशिश की थी लेकिन डेहरी नगर थाना क्षेत्र में उनकी योजना नाकाम हो गई।

 

पाली पुल के पास जीटी रोड पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग ढाई करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है। मौके से पिकअप चालक सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

 

रोहतास के पुलिस अधीक्षक (SP) रौशन कुमार को सूचना मिली थी कि ओडिशा से बिहार के रास्ते गांजे की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही एएसपी सह एसडीपीओ डेहरी-1 अतुलेश झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इसके बाद डेहरी नगर थाना, जिला आसूचना इकाई और STF की संयुक्त टीम ने पाली मोड़ के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान औरंगाबाद की ओर से आ रही एक सफेद पिकअप वैन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।

 

यह भी पढ़ें: फर्जी हस्ताक्षर विवाद में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, CID ने भेजा नोटिस

कटहल की परत के नीचे मिला गांजा

शुरुआती जांच में पिकअप वैन पर बड़ी मात्रा में कटहल लदा दिखाई दिया। पहली नजर में यह एक सामान्य फल-वाहक वाहन लग रहा था। इसके बाद पुलिस को शक होने पर गाड़ी की गहराई से जांच की गई। तलाशी के दौरान कटहल के नीचे छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट मिलने लगे। कुछ ही देर में पूरी गाड़ी से करीब 500 किलो गांजा बरामद कर लिया गया। तस्करों ने बड़ी चालाकी से फल की खेप के बीच नशीले पदार्थ को छिपाया था, ताकि किसी को संदेह न हो।

मोहनिया में होनी थी खेप की डिलीवरी

गिरफ्तार चालक सत्येंद्र कुमार से पूछताछ में पता चला कि गांजे की यह खेप ओडिशा से कैमूर जिले के मोहनिया क्षेत्र में पहुंचाई जानी थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि खेप मंगाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

 

यह भी पढ़ें: बेगूसराय DTO ऑफिस में पड़ा छापा, क्लर्क-दलाल रंगे हाथ गिरफ्तार

 

पुलिस अब जब्त पिकअप वैन, मोबाइल फोन और तस्करी के पूरे रूट की तकनीकी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का संचालन कौन कर रहा था और इससे पहले कितनी बार ऐसी खेप बिहार पहुंचाई जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।