पश्चिम बंगाल की राजनीति में कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
CID ने अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर को कोलकाता स्थित भवानी भवन मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। शनिवार को जांच एजेंसी की एक टीम उन्हें नोटिस देने के लिए उनके आवास पहुंची थी। हालांकि शुरुआती दौर में अधिकारी उन्हें नहीं मिल सके, जिसके चलते नोटिस सौंपने की प्रक्रिया में कुछ समय लग गया। बाद में उनके कालीघाट स्थित आवास पर जाकर अधिकारियों ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा।
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डेढ़ घंटे तक चला नोटिस सौंपने का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, CID की टीम सबसे पहले दक्षिण कोलकाता के हरिश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंची थी। वहां उनके मौजूद नहीं होने के कारण अधिकारियों को इंतजार करना पड़ा। कर्मचारियों को नोटिस देने का प्रयास भी किया गया लेकिन टीम ने इसे सीधे अभिषेक बनर्जी को ही सौंपने का फैसला किया। इसके बाद अधिकारी उनके दूसरे आवास पहुंचे, जहां कुछ देर इंतजार के बाद नोटिस उन्हें सौंप दिया गया। नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह पहले इसका अध्ययन करेंगे और अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा करने के बाद उचित जवाब देंगे। उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात भी कही।
नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि वह पहले भी ED और CBI जैसी एजेंसियों की जांच का सामना कर चुके हैं और किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उन्हें गिरफ्तार करना है तो वह इसके लिए भी तैयार हैं लेकिन डरने वाले नहीं हैं।
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क्या है फर्जी हस्ताक्षर का मामला?
यह विवाद विधानसभा सचिवालय को भेजे गए एक समर्थन पत्र से जुड़ा है। इस पत्र में करीब 70 TMC विधायकों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था, जिसमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का समर्थन किया गया था। बाद में आरोप लगा कि TMC विधायक नैना बनर्जी के हस्ताक्षर पत्र में मौजूद हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते।
इसके बाद विधानसभा सचिवालय की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और जांच CID को सौंपी गई। जांच एजेंसी अब तक कई TMC विधायकों से पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि समर्थन पत्र में किसी विधायक के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से तो नहीं लगाए गए थे। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इसमें और खुलासे हो सकते हैं।