बिहार के पटना में सरकारी आवास को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना स्थित उनके मौजूदा सरकारी आवास '10 सर्कुलर रोड' को खाली करने का सरकारी नोटिस मिला है। इस प्रशासनिक आदेश पर कड़ी और तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि चाहे सरकार उन्हें हटाने के लिए पुलिस या फोर्स का इस्तेमाल करे लेकिन वह 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी।
दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में राबड़ी देवी को नोटिस जारी कर पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि यह आवास अब पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। इसके बावजूद राबड़ी देवी अभी तक इस आवास में रह रही हैं।
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शुक्रवार को जारी नोटिस के बाद शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए राबड़ी देवी ने सरकार के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो बल प्रयोग कर सकती है लेकिन वह अपनी मर्जी से यह आवास नहीं छोड़ेंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
सरकार का क्या है पक्ष?
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पहले ही एक वैकल्पिक सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। उन्हें हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास दिए जाने का आदेश वर्ष 2025 में जारी किया गया था। सरकार का दावा है कि नियमों के तहत नए आवास का आवंटन होने के बाद पुराना बंगला खाली किया जाना चाहिए था। नोटिस में यह भी कहा गया है कि 10 सर्कुलर रोड का आवंटन अब मंत्री नंद किशोर राम के नाम किया जा चुका है। ऐसे में राबड़ी देवी से जल्द से जल्द यह बंगला खाली करने को कहा गया है।
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RJD के लिए खास है 10 सर्कुलर रोड
गौरतलब है कि पटना का '10 सर्कुलर रोड' वाला यह बंगला पिछले कई दशकों से RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की राजनीति का मुख्य केंद्र रहा है। बिहार की मुख्यमंत्री रहते हुए राबड़ी देवी ने इसी आवास से लंबे समय तक सरकार चलाई थी और पार्टी के तमाम बड़े फैसले यहीं से होते आए हैं। यही कारण है कि यह बंगला केवल एक रिहायशी मकान नहीं, बल्कि RJD के गौरव और राजनीतिक प्रभाव का एक बड़ा प्रतीक माना जाता है।