श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार सरकार इस बार कोई चूक नहीं चाहती। लाखों कांवरियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं।

 

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने हर जिले से मेला तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा तथा स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

कांवरिया पथ बनेगा सुविधाओं से लैस

सरकार इस बार कांवरिया पथ को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पूरे मार्ग पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानागार, साफ-सफाई और विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख पड़ावों के पास स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।

 

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श्रावणी मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार गंभीर दिखी। बैठक में सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। अपर पुलिस महानिदेशक लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शिवालयों में जलार्पण के दौरान भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित रखा जाए ताकि किसी प्रकार की अफरातफरी न हो।

 

बिजली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त निर्देश

सीएम ने कहा कि कांवरिया मार्ग और मेला क्षेत्रों में कहीं भी बिजली के नंगे तार नहीं रहने चाहिए। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं को भी मजबूत रखने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, डॉक्टर और दवा की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है।

 

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बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा श्रावणी मेला की तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें पेयजल, टेंट, पंडाल, जलापूर्ति, सफाई, सड़क, बिजली, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी साझा की गई। पर्यावरण, नगर विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, परिवहन, आपदा प्रबंधन, पथ निर्माण और खाद्य आपूर्ति समेत कई विभागों ने अपने-अपने स्तर पर चल रही तैयारियों की जानकारी दी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए। प्रशासन ऐसा वातावरण तैयार करे जिससे कांवरियों को यात्रा के दौरान सुरक्षा, सुविधा और श्रद्धा—तीनों का एहसास हो।