सिर्फ विधायक के वेतन से BJP के सुदीप मुखर्जी ने कैसे खरीद ली 10 करोड़ की जमीन?
पश्चिम बंगाल की पुरुलिया विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक सुदीप कुमार मुखर्जी की संपत्ति में पिछले पांच साल में ही 2466% का इजाफा हुआ है।

कई गुना बढ़ी सुदीप मुखर्जी की संपत्ति, Photo Credit: Khabargaon
पश्चिम बंगाल की सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कई मायने में इतिहास रचा है। सिर्फ 2 चुनाव में उसकी सीटें 3 से बढ़कर 207 हो गईं और वह बंपर बहुमत के साथ सत्ता में आ गई। इस विधानसभा में कुल 102 विधायक ऐसे थे जो 2021 में भी जीते थे और 2026 में भी जीतने में कामयाब हो गए। इन्हीं विधायकों की संपत्ति का ब्योरा खंगालने पर पता चलता है कि 102 में 40 विधायक ऐसे हैं जिनकी संपत्ति में कम से कम दोगुने का इजाफा हुआ है। अगर राशि के हिसाब से देखें तो तृणमूल कांग्रेस के विधायक बायरन बिश्वास की संपत्ति में लगभग 13 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। वहीं, 2021 में सिर्फ 45 लाख रुपये की संपत्ति घोषित करने वाले बीजेपी के विधायक सुदीप कुमार मुखर्जी की संपत्ति में 2466% यानी लगभग 25 गुने का इजाफा हुआ और उनकी संपत्ति 11.55 करोड़ से भी ज्यादा हो गई।
सबसे ज्यादा इजाफा बताने वाले बायरन बिश्वास कारोबारी हैं और उन्होंने अपनी कमाई का जरिया अपने कारोबार को ही बताया है। इसी तरह टीएमसी की विधायक नंदिता चौधरी की संपत्ति में 10 करोड़ का इजाफा हुआ और उन्होंने भी अपनी कमाई का जरिया सैलरी, डिविडेंड, ब्याज और कैपिटल गेन बताया है। उनके पति की कमाई खा जरिया भी ऐसे ही स्रोत हैं। इन तीन में से सुदीप कुमार मुखर्जी पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने अपनी कमाई का जरिया सिर्फ विधायक के तौर पर मिलने वाली सैलरी को बताया है। उनकी पत्नी की आय का जरिया 'कुछ नहीं' बताया गया है।
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यही समझने के लिए हमने पुरुलिया से बीजेपी के विधायक सुदीप कुमार मुखर्जी के साल 2021 और साल 2026 दोनों ही चुनावी एफिडेविट का विश्लेषण किया। इसमें हमने उनकी कमाई का जरिया, संपत्ति का ब्योरा और कुल कमाई के आंकड़े देखे। हालांकि, दोनों चुनावी हलफनामों को देखकर यह स्पष्ट है कि सुदीप कुमार मुखर्जी की संपत्ति 10 करोड़ की अचानक बढ़ोतरी हुई है जिसके बारे में यह साफ नहीं है कि यह संपत्ति उनके पास कहां से आई। इसके बारे में उनकी राय जानने के लिए चुनावी हलफनामे में दिए गए उनके फोन नंबरों पर भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई। हमने इस बारे में अपने सवाल उन्हें भेजे हैं और जवाब मिलने पर स्टोरी को अपडेट भी किया जाएगा।
क्यों चर्चा में आए सुदीप मुखर्जी?
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, सुदीप कुमार मुखर्जी को इस बार दो एफिडेविट दाखिल करने पड़े क्योंकि उस पर सवाल उठे। इसके बाद एक तीसरा काउंटर एफिडेटिट भी दायर किया गया। पहला एफडेविट 5 अप्रैल, दूसरा 6 अप्रैल और आखिर में तीसरा काउंटर एफिडेविट 7 अप्रैल को दाखिल किया गया।
इसकी वजह थी कि गौरव सिंह नाम के एक शख्स ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सुदीप मुखर्जी ने अपनी पत्नी की संपत्ति की जानकारी सही से नहीं दी। गौरव सिंह ने आरोप लगाए कि 5 अप्रैल को दिए हलफनामे में सुदीप सिंह ने अपनी पत्नी की चल संपत्ति 86,28,690 रुपये बताई। इसमें 20 हजार रुपये कैश, बैंक खाते में 1.14 लाख रुपये, 20.68 लाख रुपये की गाड़ियों और 84.94 लाख रुपये के गहनों की जानकारी दी। एक और रोचक बात है कि टोटल में कुल 86.28 लाख रुपये की संपत्ति लिखी गई जबकि यह 1.06 करोड़ से ज्यादा बनती है।
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गौरव का यह भी आरोप था कि सुदीप ने नियमों का उल्लंघन किया और यह नहीं बताया कि उनकी पत्नी के खाते में कब कितने पैसे जमा किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सुदीप की पत्नी की संपत्ति से जुड़ी गलत जानकारी दी गई। गौरव के मुताबिक, गहनों और गाड़ियों की कीमत भी कम बताई गई। उन्होंने रुक्मिणी मादेगौड़ा बनाम राज्य निर्वाचन आयोग के केस में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसला का जिक्र करते हुए मांग उठाई कि सुदीप मुखर्ची का नामांकन रद्द किया जाए।
कौन हैं सुदीप कुमार मुखर्जी?
सुदीप कुमार मुखर्जी लगातार तीन बार से पुरुलिया से विधानसभा का चुनाव जीत रहे हैं। उनके पिता का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी है। पहली बार वह साल 2016 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। तब लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन था। साल 2020 में वह बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी ने उन्हें पुरुलिया से मौका दिया और वह दोबारा चुनाव जीत गए। इस बार भी बीजेपी ने उन्हें ही मौका दिया और वह लगभग 50 हजार वोटों के अंतर से टीएमसी के सुजॉय बनर्जी को हराने में कामयाब रहे।
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2026 में कितनी संपत्ति बताई?
इस बार के अपने चुनावी हलफनामे में सुदीप कुमार मुखर्जी ने अपनी कुल चल संपत्ति 22 लाख और अपनी पत्नी की चल संपत्ति 1.06 करोड़ रुपये घोषित की। एक बच्चे के नाम पर भी 26 लाख की चल संपत्ति घोषित की और इस तरह उनकी कुल चल संपत्ति 1.55 करोड़ रुपये हुई। इसमें उन्होंने बताया कि उनके पास 100 ग्राम सोना, उनकी पत्नी के पास 600 ग्राम सोना और बच्चे के पास कुल 170 ग्राम सोना था। इसके अलावा, सुदीप ने कुछ पैसे अपने बैंक खातों और कुछ LIC और अन्य बचत खातों में जमा कर रखे थे। उनकी पत्नी के पास एक स्कॉर्पियो कार है जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है।
सुदीप मुखर्जी ने अपने नाम पर कुल 10 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति की जानकारी दी है। इसमें एक जमीन मौजा गेंगारा में और दूसरा मौजा नदिहा में बताई गई। इसका कुल क्षेत्रफल 11.0362 एकड़ और कीमत 10 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा सुदीप ने खुद पर कुल 1.72 लाख रुपये और पत्नी पर 12.82 लाख रुपये का कर्ज होने की भी जानकारी दी है।
कहां से कमाते हैं पैसे?
सबसे रोचक बात उनकी कमाई का जरिया है। चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के मतुाबिक, सुदीप की पत्नी हाउस वाइफ हैं और वह खुद नेता या सामाजिक कार्यकर्ता हैं। सुदीप ने बताया है कि उनकी कमाई का एकमात्र जरिया विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन है। इसके अलावा उन्होंने किसी भी आय स्रोत का जिक्र नहीं किया है।
पश्चिम बंगाल में मार्च 2024 में विधायकों के वेतन को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया। यानी 2022 से 2024 तक सुदीप बनर्जी को भी 10 हजार रुपये के हिसाब से ही सैलरी मिली और उसके बाद 50 हजार रुपये के हिसाब से मिलने लगी। अगर सभी भत्तों को जोड़ दिया जाए तो विधायक को हर महीने 1.2 लाख रुपये मिलते हैं। कुल 5 साल में यह रकम अधिकतम 72 लाख रुपये तक ही पहुंचती है।
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2026 में दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में उनकी कुल कमाई 697970 रुपये, 2023-24 में कुल कमाई 6.78 लाख, 2022-23 में 4.77 लाख रुपये, 2021-22 में 2.44 लाख और 2020-21 में कुल 2.21 लाख रुपये थे। इस बार उन्होंने अपनी पत्नी प्रतिमा मुख्रची की कमाई का भी ब्योरा दिया है।
हलफनामे के मुताबिक, प्रतिमा को 2022-23 में 4.7 लाख, 2023-24 में 6.89 लाख और 2024-25 में 6.9 लाख रुपये की कमाई हुई। उन्होंने अपने नाम पर कुल 1.72 लाख रुपये और अपनी पत्नी के नाम पर कुल 12.82 लाख रुपये का लोन लिया है।
2021 में कितनी संपत्ति थी?
अब हमने सुदीप मुखर्जी की संपत्ति के बारे में और जानने के लिए उनका 2021 वाला चुनावी हलफनामा भी निकाला। तब उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न वाले कॉलम में बताया था कि 2015-16 में उनकी सालाना कमाई 73403 रुपये, 2016-17 में 71593 रुपये, 2017-18 में 1,25,687 रुपये, 2018-19 में 133575 रुपये और 2019-20 में 144396 रुपये थी। उनकी पत्नी की कोई कमाई नहीं थी।
संपत्ति के नाम पर उनके पास कुल 24.51 लाख और उनकी पत्नी के पास कुल 20.51 लाख की चल संपत्ति थी। यानी दोनों को मिलाकर कुल 45 लाख की चल संपत्ति थी। तब उनके पास कोई भी खेती वाली जमीन नहीं थी। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में सिर्फ एक 8.5 लाख रुपये की रेजिंडेशिल इमारत का जिक्र किया था। हालांकि, वह कहां है, कितनी है इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी थी।
उनके दोनों हलफनामों से यह स्पष्ट है कि विधायक की सैलरी से उनकी कमाई हुई। अगर इसी 10 करोड़ वाली संपत्ति को हटा दें तो उनकी कमाई का हिसाब-किताब लगभग सही है क्योंकि उन्होंने विधायक के तौर पर मिलने वाले वेतन को ही अपनी कमाई का जरिया बताया है और संपत्ति लगभग उसी अनुपात में बढ़ी भी है। ऐसे में सुदीप कुमार मुखर्जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके पास 10 करोड़ की यह संपत्ति कहां से आई।
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बाकी विधायक कितने अमीर हुए?
असोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स के विश्लेषण के मुताबिक, प्रतिशत के हिसाब से देखें तो इंडुस (SC) सीट से 2021 और 2026 में चुनाव जीते निर्मल कुमार धारा की संपत्ति में 61655% का इजाफा हुआ है। ट्यूशन टीचर रहे निर्मल ने साल 2021 में अपनी कुल संपत्ति सिर्फ 1700 रुपये घोषित की थी। अब उनकी कुल संपत्ति 10,49,835 ही है लेकिन प्रतिशत में यह बहुज ज्यादा दिखती है।
पुरसुराह के बीजेपी के विधायक बिमान घोष की संपत्ति 2 लाख से बढ़कर 36 लाख हो गई है यानी 18 गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। इसी तरह सिताई से टीएमसी की विधायक संगीता रॉय की संपत्ति 27.20 लाख से बढ़कर 77.45 लाख, पारा से बीजेपी के विधायक नदियार चंद बौरी की संपत्ति 16.89 लाख से बढ़कर 68.62 लाख रुपये और बर्धमान उत्तर से टीएमसी के विधायक नीतीश कुमार मलिक की संपत्ति 26.36 लाख से बढ़कर 86.13 लाख तक हो गई है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मशहूर क्रिकेटर और अब बीजेपी के विधायक अशोक डिंडा समेत कुल 9 विधायक ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति में कमी आई है। जिन विधायकों की संपत्ति घटी है उनमें 5 विधायक टीएमसी के और 4 विधायक बीजेपी के हैं। सबसे ज्यादा कमी टीएमसी विधायक ईमानी बिश्वास की संपत्ति में हुई है। उनकी संपत्ति 11.65 करोड़ से घटकर 9.7 करोड़ रह गई है। सीएम शुभेंदु अधिकारी की संपत्ति 1.05 करोड़ से घटकर 85.87 लाख रह गई है। उन्हें विधायक की सैलरी के अलावा पूर्व सांसद के नाते पेंशन भी मिलती रही है और उनका खुद का कारोबार भी है।
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