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जवान होते भारत को चला रही 'बूढ़ों की सरकार', मंत्री, CM, PM सब 60 के पार

भारत में लगभग एक चौथाई आबादी की उम्र 30 साल से कम है लेकिन ज्यादातर मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की उम्र औसतन 60 साल या उससे ज्यादा है।

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उम्रदराज हैं भारत के मंत्री और नेता, Photo Credit: Khabargaon

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नेपाल में हुए आंदोलन के बाद सिर्फ 35 साल की उम्र के बालेन शाह प्रधानमंत्री बने हैं। इतनी कम उम्र में प्रधानमंत्री बनना हर किसी को चौंकाने वाला है क्योंकि उनसे पहले के कई प्रधानमंत्री 60 साल से ज्यादा उम्र के थे। बालने शाह की सरकार में सबसे उम्रदराज मंत्री की उम्र 51 साल है और भारत की केंद्र सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र 60 साल से ज्यादा है। भारत में सबसे कम उम्र के मंत्री 38 साल के हैं और सबसे उम्रदराज मंत्री 81 साल के हैं। भारत में राज्यों के मुख्यमंत्री हों, केंद्र सरकार के मंत्री हों या राज्यों की सरकार में मंत्री हों, सब की औसत उम्र 60 साल से ज्यादा है जबकि भारत में लगभग एक चौथाई मतदाताओं की उम्र 30 साल से कम है।

 

यह ट्रेंड दिखाता है कि कई देशों में जनता तो युवा है लेकिन उनके प्रतिनिधि अपेक्षाकृत ज्यादा उम्र के हैं। अगर भारत के मामले में देखा जाए तो शीर्ष पदों पर बैठे ज्यादातर लोगों की उम्र काफी ज्यादा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र 75 साल है और उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होते-होते उनकी उम्र 78 साल हो जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 67 साल की हैं और अगले साल कार्यकाल खत्म होने तक उनकी उम्र 68 साल हो जाएगी। नए उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन 68 साल के हैं और उनका कार्यकाल खत्म होने तक वह 72 साल के हैं। यही ट्रेंड देश के मुख्यमंत्रियों, विधायकों और मंत्रियों की उम्र में भी दिखता है।

बुजुर्ग ही चला रहे सरकार

बालेन शाह से पहले नेपाल की सरकार चला रहे नेता अपेक्षाकृत बूढ़े थे। केपी शर्मा ओली अब 74 साल के हैं, पुष्प कुमार दहल 72 साल के और शेर बहादुर देउबा 80 साल के हैं। अब बालेन शाह की सरकार में कुल 15 मंत्री हैं जिनमें से 10 मंत्रियों की उम्र 40 साल से कम है। इसकी तुलना भारत से करें तो भारत सरकार के कुल 72 में से सिर्फ 2 मंत्रियों की उम्र ही 40 साल से कम है। संसद में नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी भी 55 साल के हैं। देश के राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उम्र भी 60 साल के आसपास है।

 

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नेपाल में सत्ता परिवर्तन के लिए हुए आंदोलन के बाद सरकार बदल गई है और अब एक तरह से 'Gen Z' कही जाने वाली सरकार आ गई है। बांग्लादेश में इसी तरह के आंदोलन हुए और वहां 60 साल से ज्यादा उम्र के तारिक रहमान को प्रधानमंत्री चुना गया है। श्रीलंका में जोरदार बवाल के बाद नए राष्ट्रपति बने अनुरा कुमारा दिसानायके की उम्र 57 साल है। इस मामले में बालेन शाह की इकलौते ऐसे नेता हैं जो बेहद कम उम्र के हैं। जनसंख्या के हिसाब से देखें तो श्रीलंका में 48 प्रतिशत, बांग्लादेश में 53 प्रतिशत और नेपाल में लगभग 60 प्रतिशत आबादी ऐसी है जिसकी उम्र 30 साल से कम है लेकिन नेपाल को छोड़कर इन बाकी सभी देशों में सरकार चलाने वाले लोग 'बूढ़े' हैं।

 

भारत में 65 प्रतिशत आबादी ऐसी है जिसकी उम्र 35 साल से कम है लेकिन इस उम्र वर्ग के लोगों के प्रतिनिधि बेहद कम हैं। भारत के लोग किस उम्र के लोगों को अपना विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री चुन रहे हैं, इसी का विश्लेषण हमने किया है। इस रिपोर्ट में हमने यह जानने की कोशिश की है कि देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उनकी सरकारों के मंत्रियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र क्या है।


कितनी जवान या बूढ़ी है केंद्र सरकार?

केंद्र सरकार में मौजूदा वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलाकर कुल 72 मंत्री हैं। इसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 37 राज्यमंत्री और 5 मंत्री स्वतंत्र प्रभार (राज्य मंत्री) वाले हैं। इस मंत्रिमंडल में 22 प्रतिशत मंत्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 70 साल से भी ज्यादा है। 57 प्रतिशत मंत्री ऐसे हैं जिनकी 60 साल से ज्यादा है। प्रधानमंत्री मोदी को मिलाकर कुल 16 मंत्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 70 साल से ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वी सोमन्ना 75-75 साल के हैं। राव इंद्रजीत सिंह 76 साल के हैं और सबसे उम्रदराज मंत्री जीतनराम मांझी 81 साल के हैं।

 

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इस सरकार में सबसे युवा मंत्री रक्षा खडसे और राम मोहन नायडू हैं, इन दोनों की उम्र 38 साल है। इसमें से राम मोहन नायडू इकलौते ऐसे कैबिनेट मंत्री हैं जो 38 साल के हैं। रक्षा खडसे राज्यमंत्री हैं। कैबिनेट में शामिल कुल 30 मंत्रियों में से कम उम्र वाले मंत्री चिराग पासवान (43) और राम मोहन नायडू ही हैं। बाकी के 28 कैबिनेट मंत्रियों की उम्र 50 साल से ज्यादा है। 72 में से 11 मंत्री ही ऐसे हैं जिनकी उम्र 50 साल से कम है यानी 50 साल से कम उम्र वाले मंत्रियों का प्रतिशत सिर्फ 15 है। इस तरह केंद्र सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र 60 साल से ज्यादा है।

 

age of central govt ministers

 

इसी की तुलना में अगर मतदाताओं की उम्र देखें तो एक अलग ही तस्वीर दिखती है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय चुनाव आयोग ने देश में कुल मतदाताओं की संख्या 96.8 करोड़ बताई थी। इसमें से 1.85 करोड़ मतदाता ऐसे थे जिनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच थी यानी वे पहली बार वोट डालने जा रहे थे। 19.74 करोड़ वोटर ऐसे थे जिनकी उम्र 20 से 29 साल के बीच थी। यानी 96.8 करोड़ वोटर में से 21.59 करोड़ वोटर ऐसे थे जिनकी उम्र 29 साल से कम थी।

 

अब इसी की तुलना में देखें तो केंद्र सरकार में एक भी मंत्री ऐसा नहीं है जिसकी उम्र इस वर्ग के उम्र के बराबर हो। यह आंकड़ा बताता है कि देश के 22 प्रतिशत मतदाताओं को केंद्र की कैबिनेट में अपनी उम्र का एक भी मंत्री नहीं मिला।

 

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किस उम्र के सांसद चुन रहे भारत के लोग?

2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों की तुलना करें तो सांसदों की औसत उम्र में थोड़ी कमी आई। 2019 से 2024 तक लोकसभा सांसद रहे नेताओं की औसत उम्र 59 साल थी। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद इसमें गिरावट आई और औसत उम्र 56 साल रह गए। 542 में से 11 प्रतिशत सांसदों की उम्र 40 साल से कम थी। 38 प्रतिशत सांसदों की उम्र 41 से 55 साल थी।

older cm in india

younger cm in india

कितने जवान या बूढ़े हैं मुख्यमंत्री?

देश के 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर कुल 31 मुख्यमंत्री हैं। इनमें से सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री केरल के पिनराई विजयन हैं जो 82 साल के हैं। 31 में से 7 मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 75 साल या उससे ज्यादा है। कुल 10 मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 70 साल या उससे ज्यादा है। 31 में से 15 मुख्यमंत्रियों की उम्र 60 साल से ज्यादा है यानी लगभग आधे मुख्यमंत्री 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं। 50 से कम उम्र वाले सिर्फ दो मुख्यमंत्री ही हैं।

 

यह दिखाता है कि राज्यों में नेतृत्व कर रहे नेता भी बुजुर्ग हैं और वही बार-बार सरकार बनाने में भी कामयाब हो रहे हैं। मौजूदा वक्त में सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू हैं जिनकी उम्र 46 साल हैं। दूसरे नंबर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा हैं जिनकी उम्र 48 साल है। इन दोनों के अलावा बाकी सभी मुख्यमंत्रियों की उम्र 50 साल या उससे ज्यादा है। लंबे समय से सरकार चला रहे नीतीश कुमार 75 साल, ममता बनर्जी 71 साल की और पिनराई विजयन 82 साल के हैं।

 

age of chief ministers in india

उप-मुख्यमंत्री भी 60 के पार

 

देश के 16 राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश ऐसे है जहां एक या दो डिप्टी सीएम हैं। इनमें कुल 26 डिप्टी सीएम हैं। इसमें से 10 राज्य ऐसे हैं जहां दो-दो डिप्टी सीएम हैं। डिप्टी सीएम के मामले में सबसे कम उम्र के डिप्टी सीएम गुजरात के हर्ष संघवी हैं जिनकी उम्र सिर्फ 41 साल है। वहीं, सबसे उम्रदराज डिप्टी सीएम नागालैंड के टी आर जेलियांग हैं जिनकी उम्र 74 साल है। इन सभी उपमुख्यमंत्रियों की उम्र का औसत निकालें तो वह भी 60 साल है। यह दिखाता है कि नेतृत्व की दूसरी पंक्ति में भी युवाओं को कम वरीयता दी जाती है।

 

age of deputy chief ministers in india

राज्यों के मंत्री किस उम्र के हैं?

28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर लगभग 589 मंत्री हैं। इसमें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं। इन नेताओं की ओर से दिए गए हलफनामों, इनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य स्रोतों से मिली जानकारी का विश्लेषण करने पर पता चला कि देश के सभी मंत्रियों की औसत उम्र लगभग 58 साल है। इस डेटा में एक या दो प्रतिशत कम या ज्यादा होने की संभावना है लेकिन इतना तय है कि मंत्रियों की औसत उम्र 55 साल से कम नहीं हो सकती है।

 

हमने अपने विश्लेषण में पाया कि सबसे कम औसत उम्र पंजाब के मंत्रियों की है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की उम्र 52 साल है और उनकी सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र 47 साल है। वहीं, पुडुचेरी की सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र 65 साल है। 31 में से 24 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जिनके मंत्रियों की औसत उम्र 60 या उससे कम है। 7 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों में मंत्रियों की औसत उम्र 60 साल से भी ज्यादा है। 

चुनावी राज्यों का हाल क्या है?

 

अगर चुनावी राज्यों की बात करें तो सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री केरल के पिनराई विजयन हैं जिनकी उम्र 82 साल है। उनके बाद पुडुचेरी के रंगासामी हैं जिनकी उम्र 75 साल है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की उम्र 71 साल, असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा की उम्र 57 साल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की उम्र 73 साल है।

 

केरल में यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट की ओर से मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल वी डी सतीशन 61 साल के हैं, रमेश चेन्निथला 69 साल और के सी वेणुगोपाल 63 साल के हैं। केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की उम्र भी 61 साल है।

 

असम में अघोषित सीएम फेस माने जा रहे गौरव गोगोई की उम्र 43 साल है। तमिलनाडु में पहली बार चुनाव लड़ रहे थलपति विजय 51 साल के और तमिलनाडु के पूर्व CM और AIADMK के नेता ई के पलानीस्वामी 71 साल के हैं। ममता बनर्जी खुद 71 साल की हैं और उनको चुनौती देने वाले नेताओं जैसे कि दिलीप घोष 61 साल के और शुवेंदु अधिकारी 55 साल के हैं।

 

यह विश्लेषण दिखाता है कि देश की आबादी के सामने विकल्प में भी उम्रदराज नेता ही हैं। ज्यादातर राजनीतिक दल युवा नेताओं को बहुत कम ही मौका देते हैं या मौका देते भी हैं तो उनका प्रतिशत बेहद कम होता है। यही वजह है कि राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक में युवाओं का प्रतिनिधित्व कम है। यही ट्रेंड राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों तक में दिखता है। इन्हीं नेताओं में विधायक और सांसद चुने जाते हैं और यही मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनते हैं।


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